केरल निकाय चुनाव: थरूर के गढ़ तिरुवनंतपुरम में भाजपा ने दिखाया दम, 50 सीटों पर बनाई बढ़त; कहां रह गई कांग्रेस?
केरल स्थानीय निकाय चुनाव की मतगणना के बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर के संसदीय क्षेत्र तिरुवनंतपुरम चर्चा का विषय बना रहा। कारण है थरूर के संसदीय क्षेत्र में भाजपा की बढ़त, जिससे कांग्रेस के लिए मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण बन गया है। आइए जानते है कि क्या हाल रहा?
केरल स्थानीय निकाय चुनाव की मतगणना के बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर के संसदीय क्षेत्र तिरुवनंतपुरम चर्चा का विषय बना रहा। कारण है थरूर के संसदीय क्षेत्र में भाजपा की बढ़त, जिससे कांग्रेस के लिए मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण बन गया है। आइए जानते है कि क्या हाल रहा?
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केरल में आज दो चरणों में हुए स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना हुई। हालांकि मतगणना के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर के संसदीय क्षेत्र तिरुवनंतपुरम काफी चर्चा में रहा। इसका कारण है कि इस सीट पर भाजपा ने जबरदस्त जीत हासिल की है। तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 101 वार्डों में भाजपा ने 50 सीटों पर अपनी जीत हासिल की। वहीं दूसरी ओर बात अगर लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) 29 सीटों पर तो कांग्रेस नेतृत्व वाली (यूडीएफ) 19 सीटों पर अजेय हुए। चुनाव के इस परिणाम को देखते हुए ये कहना गलत नहीं होगा कि इस बार के निकाय चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के गढ़ में सेंध मार दी है।
बता दें कि केरल के 14 जिलों में दो चरणों में निकाय चुनाव के लिए मतदान हुआ था। पहले चरण में तिरुवनंतपुरम समेत छह जिलों में मतदान हुआ था। अन्य जिलों में कोल्लम, पथानमथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टयम, इडुक्की और एर्नाकुलम शामिल थे। इसमें कुल मतदान प्रतिशत 70.90 रहा। सबसे अधिक मतदान एर्नाकुलम जिले में 73.96 फीसदी हुआ। वहीं सबस कम मतदान पथानमथिट्टा जिले में 66.35 फीसदी हुआ।
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वहीं, दूसरे और अंतिम चरण में सात अन्य जिलों त्रिशूर, पलक्कड़, कोझिकोड, मलप्पुरम, कन्नूर, वायनाड और कासरगोड में 11 दिसंबर को मतदान हुआ था। दूसरे चरण में 1.53 करोड़ से अधिक मतदाताओं 604 स्थानीय निकायों के 12,931 प्रतिनिधियों के लिए मतदान किया। इनमें ग्राम पंचायत, जिला पंचायत, नगरपालिका और नगर निगम शामिल हैं। इस चरण में कुल 38,994 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। दूसरे चरण के मतदान के लिए 18,274 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें से 2,055 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया था।
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