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Kerala: पीएफआई पर NIA की रिपोर्ट के बाद विपक्ष का सरकार पर हमला, कहा- राज्य में आतंकवाद को मिल रहा समर्थन

Wed, 21 Dec 2022 02:09 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Wed, 21 Dec 2022 02:09 PM IST
सार

एनआईए ने कहा कि आईएस और अल-कायदा जैसे आतंकवादी संगठन देश के राज्य विरोधी और धार्मिक आतंकवादी संगठनों का इस्तेमाल उन देशों में विध्वंसक गतिविधियों के लिए करते हैं, जहां उनका सीधा संचालन संभव नहीं है।

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Kerala: LDF and UDF govts keep promoting terrorism, BJP after NIA report on PFI
NIA - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केरल पीएफआई को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की रिपोर्ट सामने आने के बाद भाजपा ने केरल सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। बुधवार को भाजपा की राज्य इकाई के उपाध्यक्ष केएस राधाकृष्णन ने कहा कि केरल में यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। सरकार आतंकवाद को बढ़ावा दे रही है और केरल पुलिस पीएफआई के खिलाफ कुछ नहीं कर रही है। कार्रवाई के बजाय पुलिस उन्हें सहायता प्रदान कर रही है। 

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दरअसल, एनआईए ने कोच्चि में विशेष अदालत में कहा है कि बताया कि केरल में प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के गिरफ्तार किए गए बड़े नेता आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) और अल-कायदा के कुछ नेताओं के संपर्क में थे।
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एनआईए को करनी चाहिए और जांच 
केरल में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने कहा है कि एनआई की रिपोर्ट काफी गंभीर है। अगर शुरुआती रिपोर्ट्स ऐसी हैं तो एनआईए को और जांच करनी चाहिए। दोषियों पर मामला दर्ज किया जाना चाहिए और एक सक्षम अदालत के समक्ष मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
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क्या है एनआईए की रिपोर्ट में?
एनआईए ने कहा कि आईएस और अल-कायदा जैसे आतंकवादी संगठन देश के राज्य विरोधी और धार्मिक आतंकवादी संगठनों का इस्तेमाल उन देशों में विध्वंसक गतिविधियों के लिए करते हैं, जहां उनका सीधा संचालन संभव नहीं है। जांच में एनआईए को संकेत मिले हैं कि इन आतंकी संगठनों के नेता केरल में पीएफआई के नेताओं के संपर्क में थे। ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए विस्तृत जांच की आवश्यकता है। एनआईए ने कहा कि पीएफआई द्वारा की गई देशद्रोही गतिविधियों के संबंध में अहम जानकारी डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। जांच में पीएफआई नेताओं द्वारा सोशल मीडिया समूहों के माध्यम से युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने जैसे कदमों का भी खुलासा हुआ है। विशेष अदालत ने इस संबंध में एनआईए की दलीलों को सुनते हुए सबूतों को इकट्ठा करने और जांच के लिए अतिरिक्त समय दे दिया। जानकारी के मुताबिक, एनआईए को जांच पूरी करने और चार्जशीट दाखिल करने के लिए 90 दिनों का और समय दिया गया है। 


गौरतलब है कि यह मामला 22 सितंबर को देश भर में एक साथ छापेमारी के बाद पीएफआई के नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने और बाद में उनकी गिरफ्तारी से जुड़ा हुआ है। प्रतिबंधित संगठन के नेताओं पर  गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था। कोच्चि में दर्ज मामले में 13 आरोपी हैं। कोर्ट के इस फैसले के बाद उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाकर 180 दिन कर दी गई है।

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