फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Kerala Law Minister on the issue of women's entry into Sabarimala

केरल: 'कई सांविधानिक जटिलताएं, बातचीत के बाद करेंगे फैसला', सबरीमला में महिलाओं के प्रवेश पर बोली राज्य सरकार

Tue, 17 Feb 2026 04:07 AM IST
निर्मल कांत एजेंसी, तिरुवनंतपुरम।
एजेंसी, तिरुवनंतपुरम। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 17 Feb 2026 04:07 AM IST
सार

केरल के कानून मंत्री ने कहा कि सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश का मुद्दा कई सांविधानिक जटिलताओं से जुड़ा है और सरकार बातचीत के बाद ही अपना रुख तय करेगी। मंत्री ने बताया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और सरकार श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पढ़ें रिपोर्ट-

विज्ञापन
Kerala Law Minister on the issue of women's entry into Sabarimala
सबरीमला मंदिर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

केरल में सत्ताधारी वाममोर्चा ने कहा कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का मुद्दा कई सांविधानिक जटिलताओं से जुड़ा मामला है। इसलिए सरकार बातचीत के जरिए सही रुख अपनाएगी। प्रदेश सरकार का रुख साफ करते हुए कानून मंत्री पी. राजीव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह सात सांविधानिक सवालों पर ध्यान देने के बाद ही समीक्षा याचिका पर विचार करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार आस्था रखने वालों के विश्वास की रक्षा के लिए है और वह उनके साथ खड़ी रहेगी।
विज्ञापन


दो हिंदू संगठन प्रवेश के खिलाफ: केरल के दो बड़े हिंदू जाति संगठनों नायर सेवा सोसायटी (एनएसएस) और श्री नारायण धर्म परिपालन (एसएनडीपी) योगम ने फिर कहा कि मासिक धर्म वाली महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश नहीं मिलना चाहिए। एनएसएस के महासचिव जी सुकुमारन नायर ने कहा कि संगठन ने सबरीमाला में मासिक धर्म वाली महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ अपना रुख नहीं बदला है। वहीं, श्री नारायण धर्म परिपालन (एसएनडीपी) योगम के महासचिव वेल्लप्पल्ली नटेसन ने कहा कि संगठन मासिक धर्म वाली महिलाओं के प्रवेश का विरोध करता है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Macron India Visit: मुंबई पहुंचे फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों, पीएम मोदी के साथ आज करेंगे द्विपक्षीय वार्ता
विज्ञापन
विज्ञापन


विपक्ष ने कहा-सरकार अपना रुख साफ करे:  केरल में विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने माकपा सरकार से सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर अपना रुख साफ करने की अपील की। साथ ही, इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में नया हलफनामा दाखिल करने को कहा।


सुप्रीम कोर्ट के नौ जजों की संविधान पीठ करेगी सुनवाई
उधर, धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट के नौ जजों की संविधान पीठ सुनवाई करेगी। इसमें केरल के सबरीमला मंदिर पर आए फैसले की समीक्षा भी शामिल है। सुनवाई सात अप्रैल से शुरू होगी और 22 अप्रैल को खत्म होने की संभावना है। 

मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा कि नौ सदस्यीय संविधान पीठ याचिकाओं पर निर्णायक सुनवाई करेगी। पीठ ने सभी पक्षों से कहा कि वे 14 मार्च तक या इससे पूर्व अपनी लिखित दलीलें दाखिल करें। 




 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed