{"_id":"5f3026279001db73a436f094","slug":"kerala-landslide-idukki-news-in-hindi-people-are-searching-their-relatives","type":"story","status":"publish","title_hn":"केरल : भूस्खलन के साथ आंसुओं का सैलाब भी लाई बारिश, मलबे में दबे अपनों को तलाश रहे लोग","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
केरल : भूस्खलन के साथ आंसुओं का सैलाब भी लाई बारिश, मलबे में दबे अपनों को तलाश रहे लोग
Sun, 09 Aug 2020 10:08 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, इडुक्की
पीटीआई, इडुक्की
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 09 Aug 2020 10:08 PM IST
विज्ञापन
केरल के इडुक्की में भूस्खलन के बाद होता बचाव कार्य
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केरल में भूस्खलन और मिट्टी सरकने की घटनाओं की वजह बनी भारी बारिश लोगों की आंखों में आंसुओं के सैलाब की वजह भी बन गई है। इन घटनाओं के चलते होने वाली मौतों के बीच मलबे में दबे अपने परिजनों को बाहर निकालने के लिए लोग बचाव और राहत कर्मियों से गुहार लगा रहे हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार को हुए भूस्खलन में 70 वर्षीय महिला करुपई के परिजनों का कोई अता-पता नहीं है। जैसे-जैसे दिन बीतते जा रहे हैं करुपई की उसके परिवाल वालों से मिलने की उम्मीद भी धुंधली होती जा रही है। बचाव कर्मी जैसे ही कोई शव निकालते हैं वह दौड़कर यही देखने जाती हैं कि वह शव उनके किसी अपने का न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि राजमाला के पेट्टीमुडी में एक-एक कमरे वाले आपस में जुड़े बीस घरों पर मलबा गिरने से 82 मजदूर और उनके परिजन उसके नीचे दब गए थे। करुपई के पति षणमुगम, तीन बेटियां, दामाद और तीन नाती-पोते भी उस मलबे के नीचे दबे हैं। षणमुगम, उनकी बेटियां और दामाद चाय के बागान में काम करते थे।
एनडीआरएफ और अन्य बचाव कर्मियों द्वारा बाहर निकाले जा रहे शवों की संख्या रविवार शाम तक 42 हो गई है। एक अन्य बुजुर्ग रमार के दुख की भी कोई सीमा नहीं है। उनका बेटा, बेटी और परिवार के 13 अन्य सदस्य भी इस हादसे का शिकार हो गए। रमार का कहना है, 'सभी चले गए। मैं उन्हें देखे बिना नहीं जाऊंगा।'