Kerala: 'पासपोर्ट सेवा, खाड़ी देशों से अच्छे रिश्ते...', प्रचार के दौरान जयशंकर ने गिनाईं BJP नेता की खासियतें
जयशंकर ने कहा कि वी मुरलीधरन और मैंने पिछले पांच वर्षों में बहुत करीब से काम किया है। मैं उन्हें लोकसभा में देखने के लिए उत्सुक हूं। केरल से वी. मुरलीधरन, राजीव चंद्रशेखर, अनिल एंटनी और सुरेश गोपी जैसे लोगों को संसद में होना चाहिए।
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अटिंगल लोकसभा क्षेत्र से सियासी धुरंधरों के ताल ठोकने से मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प हो गया है। इस सीट पर भाजपा की ओर से केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन को चुनावी मैदान में उतारा गया है। वह इस क्षेत्र में अपनी जीत के लिए चुनावी अभियान की शुरुआत कर चुके हैं। इस बीच, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर भी भाजपा उम्मीदवार को समर्थन देने के लिए यहां पहुंचे।
पिछले पांच वर्षों में बहुत करीब से काम किया
चुनाव अभियान में बोलते हुए जयशंकर ने कहा, 'वी मुरलीधरन और मैंने पिछले पांच वर्षों में बहुत करीब से काम किया है। आज मैं उनके बारे में तीन बातें कहना चाहता हूं। सबसे पहली बात यह है कि वह बहुत ही जन-केंद्रित व्यक्ति हैं। दूसरा यह देश में पासपोर्ट सेवाओं में सुधार लाने का सीधा श्रेय उनको जाता है। तीसरा उन्हें खाड़ी में पीएम मोदी के प्रतिनिधि के रूप में जाना जाता है। उनकी वजह से ही खाड़ी, खासकर यूएई के साथ संबंध काफी बेहतर हुए हैं। हम उन्हें केरल की आवाज के रूप में संसद में वापस चाहते हैं।'
#WATCH | Kerala: While speaking at the election campaign of Union Minister & BJP candidate from Attingal constituency, V. Muraleedharan, EAM & BJP leader S Jaishankar says, "... V Muraleedharan and I have worked very closely in the last five years. I want to say three things… pic.twitter.com/20RwoZ8z8z
— ANI (@ANI) April 5, 2024
हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे
वहीं, पत्रकारों से विदेश मंत्री ने कहा, 'मैं मुरलीधरन के लिए बहुत समर्थन और उत्साह देख सकता हूं। हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे। मैं उनकी जीत को लेकर बहुत आश्वस्त हूं। मैं उन्हें लोकसभा में देखने के लिए उत्सुक हूं। केरल से वी. मुरलीधरन, राजीव चंद्रशेखर, अनिल एंटनी और सुरेश गोपी जैसे लोगों को संसद में होना चाहिए।'
बेतुके आरोपों के लिए प्रसिद्ध वामपंथी
फिल्म 'केरल स्टोरी' के प्रसारण पर मुरलीधरन ने कहा, 'केरल स्टोरी एक ऐसी फिल्म है जिसे सेंसर बोर्ड द्वारा अनुमति दी गई थी और यह कला व कलात्मक अभिव्यक्ति का एक हिस्सा है। अभिव्यक्ति का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया है। लेफ्ट हमेशा से कहता रहा है कि हम अभिव्यक्ति की आजादी के पक्ष में हैं, फिर जब ऐसी फिल्में प्रसारित होती हैं तो वह परेशान क्यों होते हैं। वामपंथियों को बेतुके आरोपों के लिए जाना जाता है।'