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Kerala: देश की सबसे युवा नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी गई, दीया बीनू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कैसे हुआ पास?
Tue, 21 Jul 2026 10:13 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Tue, 21 Jul 2026 10:13 PM IST
सार
Youngest Municipal Chairperson Lose No-Confidence Vote: देश की सबसे युवा नगर पालिका अध्यक्ष दीया बीनू पुलिक्काकंडम को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए पद से हटा दिया गया है। केरल के पाला नगर पालिका में सत्ता परिवर्तन के बाद यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को बड़ा झटका लगा है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि अपनी ही पार्टी के पार्षदों ने साथ छोड़ दिया? अविश्वास प्रस्ताव कैसे पास हुआ और दीया बीनू ने पद से हटने के बाद क्या कहा? आइए इन सभी सवालों के जवाब विस्तार से जानते हैं...
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दीया बीनू
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
देश की सबसे युवा नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में पहचान बनाने वाली दीया बीनू पुलिक्काकंडम अब अपने पद पर नहीं हैं। केरल के पाला नगर पालिका में मंगलवार को उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया। इसके साथ ही यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की नगर पालिका से सत्ता भी चली गई। यह राजनीतिक घटनाक्रम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दीया बीनू को देश की सबसे युवा नगर पालिका अध्यक्ष माना जाता था और उनके कार्यकाल के बीच ही सत्ता बदल गई।
अविश्वास प्रस्ताव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के समर्थन से लाया गया था। मतदान के दौरान प्रस्ताव के पक्ष में 17 वोट पड़े। सबसे बड़ा झटका UDF को तब लगा जब कांग्रेस के चार पार्षदों ने पार्टी व्हिप का पालन नहीं किया और प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। कुल मिलाकर सत्तारूढ़ मोर्चे के पांच सदस्यों ने भी अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया। इसी वजह से UDF की नगर पालिका सरकार गिर गई।
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अविश्वास प्रस्ताव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के समर्थन से लाया गया था। मतदान के दौरान प्रस्ताव के पक्ष में 17 वोट पड़े। सबसे बड़ा झटका UDF को तब लगा जब कांग्रेस के चार पार्षदों ने पार्टी व्हिप का पालन नहीं किया और प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। कुल मिलाकर सत्तारूढ़ मोर्चे के पांच सदस्यों ने भी अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया। इसी वजह से UDF की नगर पालिका सरकार गिर गई।
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