फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Kerala HC says Insurance company liable to initially compensate third party even if car driven by drunk driver

Kerala High Court: बीमा कंपनी तीसरे पक्ष को मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी, भले ही चालक नशे में कार चला रहा हो

Wed, 01 Feb 2023 09:47 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एर्नाकुलम।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एर्नाकुलम। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 01 Feb 2023 09:47 PM IST
सार

न्यायमूर्ति सोफी थॉमस ने कहा कि भले ही बीमा पॉलिसी में इस बात का जिक्र हो कि शराब पीकर गाड़ी चलाने की वजह से दुर्घटना होने पर मुआवजा नहीं दिया जाएगा। फिर भी बीमा कंपनी को शुरुआत में तीसरे पक्ष को भुगतान करना होगा। इसके बाद बीमा कंपनी चालक या गाड़ी के मालिक, जो भी अंततः दुर्घटना के उत्तरदायी हो, से दी गई राशि को प्राप्त कर सकता है।

विज्ञापन
Kerala HC says Insurance company liable to initially compensate third party even if car driven by drunk driver
केरल उच्च न्यायालय। - फोटो : पीटीआई

विस्तार

केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को दुर्घटना के बाद मुआवाजा देने के मामले में बीमा कंपनी को एक महत्वपूर्ण आदेश दिया। केरल हाईकोर्ट ने कहा कि एक बीमा कंपनी दुर्घटना के शिकार या तीसरे पक्ष को प्रारंभिक रूप से मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी है, भले ही बीमा पॉलिसी के अनुसार चालक के नशे में होने पर मुआवजे के भुगतान को लागू करती हो या नहीं। हाईकोर्ट ने यह फैसला मुहम्मद रशीद बनाम गिरिवासन ईके और अन्य के मामले में सुनवाई के दौरान दिया।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति सोफी थॉमस ने कहा कि भले ही बीमा पॉलिसी में इस बात का जिक्र हो कि शराब पीकर गाड़ी चलाने की वजह से दुर्घटना होने पर मुआवजा नहीं दिया जाएगा। फिर भी बीमा कंपनी को शुरुआत में तीसरे पक्ष को भुगतान करना होगा। इसके बाद बीमा कंपनी चालक या गाड़ी के मालिक, जो भी अंततः दुर्घटना के उत्तरदायी हो, से दी गई राशि को प्राप्त कर सकता है।
विज्ञापन


अदालत ने कहा कि भले ही बीमा पॉलिसी के प्रमाणपत्र में यह शर्त हो कि नशे की हालत में वाहन चलाना पॉलिसी के नियमों और शर्तों का उल्लंघन है, फिर भी बीमा कंपनी मुआवजे के भुगतान के लिए उत्तरदायी है। निस्संदेह जब ड्राइवर नशे की हालत में होता है, तो निश्चित रूप से उसकी चेतना और इंद्रिया क्षीण हो जाती हैं, जिससे वह वाहन चलाने के लिए अयोग्य हो जाता है। लेकिन पॉलिसी के तहत देयता प्रकृति में वैधानिक है और इसलिए कंपनी पीड़ित को मुआवजे के भुगतान से मुक्त होने के लिए उत्तरदायी नहीं है। चूंकि उल्लंघन करने वाले वाहन का तीसरे पक्ष के लिए बीमा कंपनी के साथ वैध रूप से बीमा किया गया था और अपीलकर्ता या दावेदार एक तीसरा पक्ष है इसलिए कंपनी शुरुआत में उसे मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी है। लेकिन बीमा कंपनी दुर्घटना के लिए जिम्मेदार एक और दो (ड्राइवर और मालिक) से इसे वसूल करने के लिए पात्र है।
विज्ञापन
विज्ञापन


न्यायालय एक अपील पर विचार कर रहा था जिसमें मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) द्वारा दिए गए मुआवजे को इस आधार पर चुनौती दी गई थी कि यह अपर्याप्त था। मामले के तथ्य यह है कि 2013 में जब अपीलकर्ता एक ऑटोरिक्शा में यात्रा कर रहा था तब वह दुर्घटना का शिकार हो गया था। उस समय पहले प्रतिवादी द्वारा चलाए जा रहे कार ने ऑटोरिक्शा को टक्कर मार दी थी। अपीलकर्त्ता को सड़क पर फेंक दिया गया था और उसे गंभीर चोटें आई थीं। उसे एक अस्पताल में भर्ती कराया गया और सात दिनों तक उसका इलाज चला और उसने दावा किया कि डिस्चार्ज होने के बाद भी उसे छह महीने तक आराम करना पड़ा।

अपीलकर्त्ता पेशे से ड्राइवर है और उसकी मासिक आय 12,000 रुपये थी। उसने चार लाख रुपये के मुआवजे का दावा करते हुए एमएसीटी से संपर्क किया था, लेकिन न्यायाधिकरण ने केवल दो लाख 40 हजार रुपये देने का आदेश दिया। जिसके बाद उसने वर्तमान अपील के साथ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने कहा कि कार के चालक के खिलाफ दायर मामूली मामले की चार्जशीट से पता चलता है कि वह नशे की हालत में कार चला रहा था और यह तथ्य ड्राइवर या मालिक द्वारा विवादित नहीं था। बीमा कंपनी ने कहा कि वह बीमाधारक को क्षतिपूर्ति देने के लिए उत्तरदायी नहीं है क्योंकि चालक शराब के नशे में गाड़ी चला रहा था।


अदालत ने बीमा कंपनी को अपीलकर्ता के बैंक खाते में सात फीसदी प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ मूल मुआवजे और कमाई की हानि, दर्द और पीड़ा सहित अन्य खर्च के नुकसान के लिए 39,000 रुपये की अतिरिक्त राशि जमा करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने बीमा कंपनी को यह जमा राशि कार के चालक और मालिक से वसूलने का भी निर्देश दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed