श्रद्धांजलि : पालतू कुत्ते की हत्या पर केरल हाईकोर्ट ने बदला केस का नाम, जज की यह टिप्पणी कर देगी भावुक
केरल के तिरुवनंतपुरम में एक पालतू कुत्ते से बर्बरता की घटना ने झकझोर दिया है। कूत्ते की हत्या पर केरल हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। हाईकोर्ट ने केस का नाम बदल दिया है। साथ ही सरकार से पशु संरक्षण के शिविरों को बढ़ावा देने का निर्देश दिया।
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केरल के तिरुवनंतपुरम में एक पालतू कुत्ते को बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या के मामले में केरल हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। उच्च न्यायालय ने कुत्ते को श्रद्धांजलि देते हुए पशु अधिकारों के संरक्षण के मामले में "इन रे: ब्रूनो" के रूप में स्वत: जनहित याचिका की कार्यवाही का नाम बदलने का आदेश दिया है। जस्टिस जयशंकरन नांबियार और जस्टिस पी गोपीनाथ की पीठ ने कहा, "हमें लगता है कि यह उस असहाय कुत्ते के लिए एक उचित श्रद्धांजलि होगी जो मानव क्रूरता के कृत्यों के कारण दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि किस स्थिति में ये कार्यवाही शुरू की गई थी, वह हमलोग ही समझ रहे हैं।
पालतू कुत्ते ब्रूनो की हत्या और यातना के मद्देनजर कार्यवाही का नाम बदल दिया था, बता दें कि बीते सोमवार को तिरुवनंतपुरम के आदिमलाथुरा गांव में एक तीन लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला और समुद्र में फेंक दिया था। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरी की तलाश की जा रही है।
कुत्ते की हत्या के बाद इलाके में फैला आक्रोश
गौरतलब है कि बीते सोमवार को तिरुवनंतपुरम में 9 साल के लैब्राडोर कुत्ते की बर्बरता पूर्वक हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। कई लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ब्रूनो नाम के कुत्ते के मालिक क्राइस्टुराजन ने दुख जताया। उन्होंने बताया कि कि वह बहुत मिलनसार था और यह समझना मुश्किल है कि उसके साथ इतनी क्रूरता क्यों की गई।