{"_id":"670a8d132d77ed28060dad47","slug":"kerala-govt-officers-need-cm-authorisation-to-meet-guv-on-official-matters-raj-bhavan-2024-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kerala: 'सरकारी मामलों पर राज्यपाल से मिलने के लिए अफसरों को CM की मंजूरी जरूरी', राज भवन ने जारी किया बयान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Kerala: 'सरकारी मामलों पर राज्यपाल से मिलने के लिए अफसरों को CM की मंजूरी जरूरी', राज भवन ने जारी किया बयान
Sat, 12 Oct 2024 08:22 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 12 Oct 2024 08:22 PM IST
सार
Kerala: केरल के राजभवन ने शनिवार को स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत मामलों पर बातचीत के लिए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सहित सभी सरकारी अधिकारियों का राज भवन में स्वागत है। लेकिन आधिकारिक मामलों के लिए उन्हें मुख्यमंत्री से मंजूरी लेकर आना होगा।
विज्ञापन
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान
- फोटो : एएनआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केरल के राजभवन ने शनिवार को स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत मामलों पर बातचीत के लिए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सहित सभी सरकारी अधिकारियों का राज भवन में स्वागत है। लेकिन आधिकारिक मामलों के लिए उन्हें मुख्यमंत्री से मंजूरी लेकर आना होगा। इससे पहले, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा था कि मुख्य सचिव और डीजीपी मुख्यमंत्री की अनुमति के बिना नियमित रूप से उनके आवास पर आ रहे हैं और अब उनका स्वागत नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
राज भवन ने एक बयान में कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में गलत धारणा बनाई गई है कि अब से अधिकारियों का राज्यपाल के आवास पर स्वागत नहीं किया जाएगा। इसमें कहा गया, मुख्यमंत्री ने हाल ही में मुख्य सचिव और डीजीपी को निर्देश दिया था कि वे राज भवन में ब्रीफिंग के लिए न जाएं। राज्य पाल ने कहा कि अब तक अधिकारी बिना सरकारी अनुमति के आधिकारिक मामलों के लिए आते थे और उन्हें स्वीकार किया जाता था।
विज्ञापन
राज्यपाल ने यह भी कहा, अब मुख्यमंत्री की मंजूरी के बिना उनका आधिकारिक मामलों के लिए स्वागत नहीं किया जाएगा। हालां, निजी मामलों के लिए उनका हमेशा स्वागत है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पिनरई विजयन पर आरोप लगाया कि वे राज्य में हो रहे अपराधों के बारे में उन्हें अंधेरे में रख रहे हैं।
विज्ञापन
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच विवाद तब बढ़ा, जब राज्यपाल ने राज्य में चल रही कथित राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के बारे में जानकारी के लिए लिए मुख्य सचिव और जीजीपी को बुलाया।