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Hindi News ›   India News ›   Kerala Governor Arif Mohammed Khan cuts short his speech during Assembly budget session

Kerala: '...अब आखिरी पैराग्राफ पढ़ूंगा', विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने छोटा किया अपना भाषण

Thu, 25 Jan 2024 12:05 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: श्वेता महतो Updated Thu, 25 Jan 2024 12:05 PM IST
सार

केरल विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत करते हुए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अपने भाषण को छोटा कर दिया और केवल आखिरी पैराग्राफ पढ़कर सदन से बाहर निकल गए। 

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Kerala Governor Arif Mohammed Khan cuts short his speech during Assembly budget session
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान - फोटो : फाइल

विस्तार

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत करते हुए अपने भाषण को छोटा कर दिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने केवल आखिरी पैराग्राफ पढ़ा। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सदन में सभी का अभिवादन करते हुए अपना संबोधन शुरू किया और कहा, अब मैं आखिरी पैरा पढ़ूंगा।
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राज्यपाल ने छोटा किया अपना संबोधन
अपने 62 पन्नों के 163 पैराग्राफ वाले भाषण को पढ़ते हुए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने कहा, 'आइए याद रखें कि हमारी सबसे बड़ी विरासत इमारतों या स्मारकों में नहीं बल्कि भारत के संविधान, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, संघवाद और सामाजिक न्याय के प्रति सम्मान में है।' 
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उन्होंने आगे कहा कि सहकारी संघवाद का सार भारत को एकसाथ और मजबूत रखना है। इसका ध्यान रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।' हालांकि, उनके संबोधन के बाद राष्ट्रगान बजाया गया और फिर वह सदन से बाहर चले गए। इस पूरी प्रक्रिया में पांच मिनट का समय लगा।
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राज्यपाल सुबह के नौ बजे केरल विधानसभा पहुंचे, उन्होंने 9:02 बजे नीतिगत संबोधन समाप्त किया और 9:04 बजे सदन से बाहर चले गए। हालांकि, उनके आगमन पर सदन के बाहर गुलदस्ते के साथ उनका स्वागत किया गया। इस दौरान स्पीकर एएन शमसीर, मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और संसदीय कार्य मंत्री के. राधाकृष्णन मौजूद थे। राज्यपाल और वामपंथी सरकार के बीच कई मुद्दों पर विवाद है, जिसमें राज्य में यूनिवर्सिटी के कामकाज विधानसभा में पारित कुछ विधेयकों में उनके हस्ताक्षर न करना शामिल है। इसके अलावा उन्हें सीपीआई (एम), डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के विरोध का सामना भी करना पड़ा।

 

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