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Kerala: वायनाड भूस्खलन में लापता लोगों के लिए केरल सरकार का बड़ा फैसला, मृत घोषित करने का लिया फैसला
Wed, 15 Jan 2025 01:48 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 15 Jan 2025 01:48 PM IST
सार
डीडीएमए सूची का निरीक्षण करेगा और सुझावों के साथ उसे राज्य स्तरीय समिति को भेजेगा। राज्य स्तरीय समिति में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) और राजस्व और स्थानीय स्वशासन के प्रमुख सचिव शामिल हैं।
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पिनरई विजयन
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
केरल सरकार (पिनरई विजयन की सरकार) ने पिछले साल वायनाड भूस्खलन में अभी तक लापता रहने वाले लोगों को मृत घोषित करने का फैसला किया। इससे उनके परिवार को मुआवजा देने में मदद मिलेगी। मंगलवार को जारी सरकार के आदेश के अनुसार, लापता लोगों की सूची की जांच के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों समेत स्थानीय, जिला और राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई हैं। स्थानीय स्तरीय समिति में पंचायत सचिव, ग्राम अधिकारी और संबंधित पुलिस स्टेशनों के स्टेशन हाउस अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति लापता लोगों की सूची तैयार करेगी और उसे जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) को सौंपेगी।
डीडीएमए सुझावों के साथ सूची को राज्य स्तरीय समिति को भेजेगा
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) सूची का निरीक्षण करेगा और सुझावों के साथ इसे राज्य स्तरीय समिति को भेजेगा। राज्य स्तरीय समिति में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) और राजस्व और स्थानीय स्वशासन के प्रमुख सचिव शामिल हैं। यह समिति सूची की जांच करेगी और इसे सरकार के पास भेजेगी। सरकार बाद में उन्हें मृत घोषित करने और उनके परिवारों को अनुग्रह राशि देने का आदेश जारी करेगी। बता दें कि पिछले साल 30 जुलाई 2024 को हुए भूस्खलन में 263 लोग मारे गए थे और 35 लोग लापता बताए गए थे।
आपत्ति दर्ज करने के लिए मिलेगा 30 दिन का समय
सरकार की तरफ से जारी आदेश में स्थानीय स्तर की समिति को संबंधित पुलिस स्टेशनों में लापता लोगों के संबंध में दर्ज एफआईआर की बारीकी से जांच करने का निर्देश दिया गया है। तहसीलदार या उप-विभागीय मजिस्ट्रेट को लापता व्यक्ति के बारे में विस्तृत जांच करनी चाहिए और निष्कर्ष आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी गैजेट पर प्रकाशित किया जाएगा। आपत्ति दर्ज करने के लिए 30 दिन का समय दिया जाएगा, जिसके बाद लापता लोगों की सूची प्रकाशित की जाएगी और उनके निकटतम रिश्तेदारों को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
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डीडीएमए सुझावों के साथ सूची को राज्य स्तरीय समिति को भेजेगा
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) सूची का निरीक्षण करेगा और सुझावों के साथ इसे राज्य स्तरीय समिति को भेजेगा। राज्य स्तरीय समिति में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) और राजस्व और स्थानीय स्वशासन के प्रमुख सचिव शामिल हैं। यह समिति सूची की जांच करेगी और इसे सरकार के पास भेजेगी। सरकार बाद में उन्हें मृत घोषित करने और उनके परिवारों को अनुग्रह राशि देने का आदेश जारी करेगी। बता दें कि पिछले साल 30 जुलाई 2024 को हुए भूस्खलन में 263 लोग मारे गए थे और 35 लोग लापता बताए गए थे।
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आपत्ति दर्ज करने के लिए मिलेगा 30 दिन का समय
सरकार की तरफ से जारी आदेश में स्थानीय स्तर की समिति को संबंधित पुलिस स्टेशनों में लापता लोगों के संबंध में दर्ज एफआईआर की बारीकी से जांच करने का निर्देश दिया गया है। तहसीलदार या उप-विभागीय मजिस्ट्रेट को लापता व्यक्ति के बारे में विस्तृत जांच करनी चाहिए और निष्कर्ष आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी गैजेट पर प्रकाशित किया जाएगा। आपत्ति दर्ज करने के लिए 30 दिन का समय दिया जाएगा, जिसके बाद लापता लोगों की सूची प्रकाशित की जाएगी और उनके निकटतम रिश्तेदारों को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
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