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Kerala: एक देश-एक चुनाव के खिलाफ केरल के मुख्यमंत्री, कहा- यह केंद्र को प्रभुत्व दिलाने का एजेंडा है
Tue, 05 Sep 2023 02:54 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 05 Sep 2023 02:54 PM IST
सार
सीएम पिनराई ने अपने बयान में बताया कि एक राष्ट्र-एक चुनाव यह नारा एक संघ द्वारा उठाया गया है जो इस खतरे को और गंभीर बना रहा है। यह केंद्र को प्रभुत्व दिलाने का एक एजेंडा है और लोकतांत्रिक समाज को इसके खिलाफ खड़े होना चाहिए।
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Pinarayi Vijayan
- फोटो : Social Media
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विस्तार
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मंगलवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के विचार की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस तरह का कदम केंद्र को ‘प्रभुत्व’ दिलाने के इरादे से जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि भारत की अवधारणा, संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली और संवैधानिक मूल्य ‘‘गंभीर खतरे’’ में हैं। सीएम पिनराई ने अपने बयान में बताया कि एक राष्ट्र-एक चुनाव यह नारा एक संघ द्वारा उठाया गया है जो इस खतरे को और गंभीर बना रहा है। यह केंद्र को प्रभुत्व दिलाने का एक एजेंडा है और लोकतांत्रिक समाज को इसके खिलाफ खड़े होना चाहिए।
सीएम पिनराई विजयन का यह बयान केंद्र सरकार द्वारा पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में एक देश-एक चुनाव के लिए समिति के गठन के बाद आया। यह समिति एक साथ चुनाव कराने के लिए संभावनाएं तलाशेगी। समिति संविधान, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और किसी भी अन्य कानून एवं नियमों की पड़ताल करेगी तथा विशिष्ट संशोधनों की सिफारिश करेगी क्योंकि एक साथ चुनाव कराने से इनमें संशोधन की जरूरत पड़ेगी।
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उन्होंने कहा कि भारत की अवधारणा, संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली और संवैधानिक मूल्य ‘‘गंभीर खतरे’’ में हैं। सीएम पिनराई ने अपने बयान में बताया कि एक राष्ट्र-एक चुनाव यह नारा एक संघ द्वारा उठाया गया है जो इस खतरे को और गंभीर बना रहा है। यह केंद्र को प्रभुत्व दिलाने का एक एजेंडा है और लोकतांत्रिक समाज को इसके खिलाफ खड़े होना चाहिए।
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सीएम पिनराई विजयन का यह बयान केंद्र सरकार द्वारा पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में एक देश-एक चुनाव के लिए समिति के गठन के बाद आया। यह समिति एक साथ चुनाव कराने के लिए संभावनाएं तलाशेगी। समिति संविधान, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और किसी भी अन्य कानून एवं नियमों की पड़ताल करेगी तथा विशिष्ट संशोधनों की सिफारिश करेगी क्योंकि एक साथ चुनाव कराने से इनमें संशोधन की जरूरत पड़ेगी।
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