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केरल चुनाव के उम्मीदवारों की कुंडली: किस पार्टी ने कितने दागियों को दिया मौका, करोड़पति उम्मीदवार कितने बढ़े?
Sat, 04 Apr 2026 07:12 PM IST
Kirtivardhan Mishra
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: Kirtivardhan Mishra
Updated Sat, 04 Apr 2026 07:12 PM IST
सार
केरल में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान जारी है। 9 अप्रैल को उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो जाएगी। इस बीच प्रत्याशियों के हलफनामे के आधार पर उनकी संपत्ति, उनके ऊपर चल रहे आपराधिक मामलों, उनकी शिक्षा, आदि से जुड़ी जानकारी सामने आई है। आइये जानते हैं इस बार केरल चुनाव में खड़े हुए प्रत्याशियों से जुड़ा पूरा विश्लेषण।
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केरल विधानसभा चुनाव 2026।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केरल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राज्य की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है। इसे लेकर उम्मीदवारों के नामांकन भरने के बाद इसकी जांच प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और अब अधिकतर प्रत्याशी जीत के लिए मैदान में जोर-शोर से उतरे हैं। इस बीच केरल चुनाव में इस बार खड़े होने वाले उम्मीदवारों के राजनीतिक जीवन की कुंडली यानी उनके एफिडेविट के आधार पर एक विश्लेषण सामने आया है।
राजनीतिक सुधारों के लिए काम करने वाले एनजीओ एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की तरफ से इस बार केरल चुनाव में उतरने वाले 883 में से 863 उम्मीदवारों के एफिडेविट का विश्लेषण किया गया है। इसके जरिए जो आंकड़े सामने आए हैं, वह काफी चौंकाने वाले हैं। आइये जानते हैं कि केरल विधानसभा चुनाव में इस बार उम्मीदवारों का विश्लेषण क्या कहता है...
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राजनीतिक सुधारों के लिए काम करने वाले एनजीओ एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की तरफ से इस बार केरल चुनाव में उतरने वाले 883 में से 863 उम्मीदवारों के एफिडेविट का विश्लेषण किया गया है। इसके जरिए जो आंकड़े सामने आए हैं, वह काफी चौंकाने वाले हैं। आइये जानते हैं कि केरल विधानसभा चुनाव में इस बार उम्मीदवारों का विश्लेषण क्या कहता है...
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पहले जानें- इस बार केरल में कितने उम्मीदवार?
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कुल 883 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें राष्ट्रीय दलों से कुल 375 उम्मीदवार मैदान में हैं। राज्य स्तरीय दलों से 81 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दलों से 145 उम्मीदवार हैं। वहीं, निर्दलीय के रूप में 282 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें से करीब 20 उम्मीदवारों की जानकारी उनके हलफनामे में सामने आई कुछ विसंगतियों के कारण नहीं ली गई है। जिन 863 उम्मीदवारों का विश्लेषण किया गया।केरल चुनाव में इस बार कितने दागी, पिछली बार के मुकाबले क्या बदला?
- केरल विधानसभा चुनाव 2026 में विश्लेषित 863 उम्मीदवारों में से 324 यानी करीब 38% उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
- 2021 के चुनावों में भी 38% उम्मीदवारों 928 में से 355 ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए थे। यानी आपराधिक केस वाले प्रत्याशियों का अनुपात बराबर है।
- गंभीर आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवार बढ़े हैं। 2021 के विधानसभा चुनावों में 18% पर गंभीर आपराधिक मामले थे, जबकि इस बार यह आंकड़ा 23% हो गया है।
दागियों के पार्टीवार आंकड़े क्या?
इस बार के चुनाव में सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस की तरफ से हैं। पार्टी के 85 में से 72 उम्मीदवार यानी करीब 85 प्रतिशत ने आपराधिक केस दर्शाए हैं, जबकि 60 उम्मीदवारों (71%) पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। दूसरी तरफ लेफ्ट की सबसे बड़ी पार्टी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 77 में से 51 यानी 66% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले और 21 प्रत्याशियों (करीब 27%) पर गंभीर आपराधिक मामले हैं। तीसरा फ्रंट मानी जा रही भाजपा के 93 में से 59 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले हैं, और इनमें से 39 उम्मीदवार (42%) पर गंभीर मामले दर्ज हैं।
इस बार के चुनाव में सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस की तरफ से हैं। पार्टी के 85 में से 72 उम्मीदवार यानी करीब 85 प्रतिशत ने आपराधिक केस दर्शाए हैं, जबकि 60 उम्मीदवारों (71%) पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। दूसरी तरफ लेफ्ट की सबसे बड़ी पार्टी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 77 में से 51 यानी 66% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले और 21 प्रत्याशियों (करीब 27%) पर गंभीर आपराधिक मामले हैं। तीसरा फ्रंट मानी जा रही भाजपा के 93 में से 59 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले हैं, और इनमें से 39 उम्मीदवार (42%) पर गंभीर मामले दर्ज हैं।
महिलाओं के खिलाफ अपराध: कुल 15 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ महिलाओं पर होने वाले अपराधों से जुड़े मामले घोषित किए हैं। इनमें से एक उम्मीदवार पर एक ही महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म करने (आईपीसी की धारा 376(2)(एन)) का गंभीर मामला दर्ज है।
हत्या: चार उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ सीधे तौर पर हत्या (आईपीसी की धारा 302) से संबंधित मामले घोषित किए हैं। इसके अलावा 13 उम्मीदवारों के खिलाफ हत्या के प्रयास (आईपीसी की धारा 307 और बीएनएस की धारा 109) से जुड़े मामले दर्ज हैं।
हत्या: चार उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ सीधे तौर पर हत्या (आईपीसी की धारा 302) से संबंधित मामले घोषित किए हैं। इसके अलावा 13 उम्मीदवारों के खिलाफ हत्या के प्रयास (आईपीसी की धारा 307 और बीएनएस की धारा 109) से जुड़े मामले दर्ज हैं।
केरल में इस बार करोड़पति उम्मीदवार कितने?
पिछले चुनाव की तुलना में इस बार करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या में भी जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2021 के विधानसभा चुनाव में 928 उम्मीदवारों में से 249 (27%) उम्मीदवार ही करोड़पति थे, जबकि इस बार 863 उम्मीदवारों में से 339 उम्मीदवार यानी करीब 39 फीसदी करोड़पति हैं।बड़े दलों की बात करें तो सबसे ज्यादा 72 प्रतिशत कांग्रेस के उम्मीदवार करोड़पति हैं, वहीं माकपा के 68 फीसदी और भाजपा के 56 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। वहीं, एक छोटे दल केरल कांग्रेस के आठ में से आठ प्रत्याशी यानी 100 फीसदी करोड़पति हैं।
कुल संपत्ति: जिन 863 उम्मीदवारों का विश्लेषण किया गया, उनकी कुल संपत्ति 2,403 करोड़ रुपये है।
औसत संपत्ति: उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2.78 करोड़ रुपये है, जो कि 2021 के 1.69 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है।
औसत संपत्ति: उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2.78 करोड़ रुपये है, जो कि 2021 के 1.69 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है।
दलवार-औसत संपत्ति: केरल कांग्रेस के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 10.44 करोड़ है, जो कि सबसे ज्यादा है। भाजपा के 93 प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 5.70 करोड़ है, जबकि कांग्रेस के 85 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.93 करोड़, माकपा उम्मीदवारों की 2.32 करोड़, आईयूएमएल प्रत्याशियों की 6.64 करोड़ और भाकपा प्रत्याशियों की 1.60 करोड़ रुपये है।
शैक्षिक योग्यता के क्या आंकड़े?
- 414 उम्मीदवारों (48 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षिक योग्यता पांचवीं और 12वीं के बीच घोषित की है।
- 397 प्रत्याशियों (46 प्रतिशत) ने शैक्षिक योग्यता स्नातक और इससे ज्यादा बताई है।
- 44 उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा धारक की घोषित की है।
- 7 उम्मीदवारों ने खुद को साक्षर और एक ने खुद को असाक्षर करार दिया है।
क्या कहते है प्रत्याशियों की उम्र से जुड़े आंकड़े?
अनुभवी उम्मीदवारों का दबदबा: 2026 में 51-60 वर्ष का आयु वर्ग सबसे बड़ा है। इस आयु वर्ग के 269 उम्मीदवार हैं, जो 2021 की तुलना में भी थोड़ा बढ़े हैं।
युवा भागीदारी में गिरावट: 25-40 वर्ष के आयु वर्ग में उम्मीदवारों की संख्या 2021 के 221 की तुलना में 2026 में 140 ही रह गई है। यानी पहले से कम।
वरिष्ठ उम्मीदवारों की बढ़ोतरी: 61-80 वर्ष के आयु वर्ग में उम्मीदवारों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है, जो दर्शाता है कि वरिष्ठ नेताओं पर पार्टियों का भरोसा कायम है।
युवा भागीदारी में गिरावट: 25-40 वर्ष के आयु वर्ग में उम्मीदवारों की संख्या 2021 के 221 की तुलना में 2026 में 140 ही रह गई है। यानी पहले से कम।
वरिष्ठ उम्मीदवारों की बढ़ोतरी: 61-80 वर्ष के आयु वर्ग में उम्मीदवारों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है, जो दर्शाता है कि वरिष्ठ नेताओं पर पार्टियों का भरोसा कायम है।
इस चुनाव में महिलाओं की कितनी संख्या?
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कुल विश्लेषित 863 उम्मीदवारों में से 92 (11%) महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। पिछले चुनाव के मुकाबले महिलाओं की भागीदारी का प्रतिशत इस बार भी 11% ही रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में 928 उम्मीदवारों में से 103 महिला उम्मीदवार थीं।अन्य वीडियो