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Kerala Election Schedule: केरल की 140 विधानसभा सीटों पर कब होंगे चुनाव, एलडीएफ का अभी क्या हाल, यूडीएफ कहां?
Sun, 15 Mar 2026 04:48 PM IST
Kirtivardhan Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Kirtivardhan Mishra
Updated Sun, 15 Mar 2026 04:48 PM IST
सार
Kerala Vidhan Sabha Chunav Date 2026: केरल में पिछली बार की तरह ही इस बार भी एक चरण में ही चुनाव होगा। इस बार राज्य में एक बार फिर एलडीएफ और यूडीएफ गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है। हालांकि, एनडीए ने भी जोर-शोर से अपने प्रत्याशी उतारने की बात कही है।
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केरल में विधानसभा चुनाव।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
निर्वाचन आयोग ने रविवार को केरल के सभी 140 विधानसभा सीटों चुनावों का शेड्यूल जारी कर दिया। राज्य में एक चरण में ही मतदान कराया जाना है। चुनाव की अधिसूचना 16 मार्च 2026 को निकलेगी। उम्मीदवार 23 मार्च तक अपना नामांकन भर सकते हैं। नामांकन पत्रों की जांच 24 मार्च को होगी। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 26 मार्च है। राज्य में 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा। वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 6 मई तक खत्म हो जाएगी। चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार केरल में कुल 2.70 करोड़ मतदाता अपने मतदान की उपयोग करेंगे।
गौरतलब है कि केरल में 23 मई 2026 को विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। पिछले चुनाव में छह अप्रैल 2021 को एक चरण में मतदान कराया गया था। मतगणना 2 मई 2021 को हुई थी।
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गौरतलब है कि केरल में 23 मई 2026 को विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। पिछले चुनाव में छह अप्रैल 2021 को एक चरण में मतदान कराया गया था। मतगणना 2 मई 2021 को हुई थी।
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इन चुनावों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) की सरकार बनी थी। वहीं, इस गठबंधन ने 140 में से 99 सीटों पर जीत दर्ज की थी और पिनरई विजयन मुख्यमंत्री बने थे। दूसरी तरफ यूडीएफ को बाकी बची 41 सीटों पर जीत मिली। यह पिछले चुनाव के मुकाबले छह सीटों की गिरावट थी। इसके अलावा एनडीए अपनी एकमात्र सीट भी इस चुनाव में हार गई और उसके वोट शेयर में भी गिरावट आई।
यह 1977 के बाद पहला मौका था जब केरल में किसी गठबंधन ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई हो, जिससे राज्य में हर पांच साल में सरकार बदलने का दशकों पुराना ट्रेंड टूट गया। इसके अलावा पिनरई विजयन पांच साल का पूर्ण कार्यकाल पूरा करने के बाद फिर से चुने जाने वाले केरल के पहले मुख्यमंत्री बने। इस चुनाव में राज्य की पहली ट्रांसजेंडर उम्मीदवार (अनन्या कुमारी एलेक्स) ने भी पर्चा भरा था।
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यह 1977 के बाद पहला मौका था जब केरल में किसी गठबंधन ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई हो, जिससे राज्य में हर पांच साल में सरकार बदलने का दशकों पुराना ट्रेंड टूट गया। इसके अलावा पिनरई विजयन पांच साल का पूर्ण कार्यकाल पूरा करने के बाद फिर से चुने जाने वाले केरल के पहले मुख्यमंत्री बने। इस चुनाव में राज्य की पहली ट्रांसजेंडर उम्मीदवार (अनन्या कुमारी एलेक्स) ने भी पर्चा भरा था।
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