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कसाब के लिए बनाए गए विशेष सेल से आर्थर रोड जेल के बैरक निर्माण की लागत हुई दोगुनी

Thu, 30 Jan 2020 04:54 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: अनवर अंसारी Updated Thu, 30 Jan 2020 04:54 PM IST
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Kasab cell escalates cost of barrack work in Arthur Road jail
mumbai arthur road jail

मुंबई के आर्थर रोड जेल में बैरक के निर्माण के लिए 13 साल पहले आवंटित किए गए ज्यादातर फंड 26/11 आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब के लिए एक उच्च सुरक्षा सेल स्थापित करने पर खर्च किए गए, जिससे परियोजना की लागत लगभग दोगुनी होकर 4.49 करोड़ रुपये हो गई है। एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी है। 

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महाराष्ट्र के गृह विभाग ने सोमवार को मध्य मुंबई में आर्थर रोड जेल में बैरक-1 के निर्माण और विद्युतीकरण कार्य के लिए नए लागत अनुमान को देखते हुए एक सरकारी प्रस्ताव (जीआर) मंजूर किया।
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अधिकारी ने बताया कि जेल विभाग को केंद्र सरकार की जेल सुधार योजना के तहत बैरक की जमीनी तल और उसके ऊपर एक मंजिला ढांचे के निर्माण के लिए 2006-07 के वित्तीय वर्ष में 2.62 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे।
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उन्होंने कहा कि तब प्रचलित दरों के अनुसार धनराशि स्वीकृत की गई थी। लेकिन, 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के आरोपी मोहम्मद अजमल आमिर कसाब को जेल में लाने के बाद उसको रखने के लिए एक उच्च सुरक्षा सेल के निर्माण को प्राथमिकता दी गई।

अधिकारी ने बताया कि स्वीकृत किए गए अधिकतर राशि को बैरक के निर्माण करने की बजाय कसाब के लिए एक उच्च सुरक्षा सेल बनाने पर खर्च किया गया। जिससे यह राशि बढ़कर दोगुना हो गई। उन्होंने बताया कि बची हुई राशि का इस्तेमाल बैरक के निचले तल के कार्यों में लगाया गया। 

दरअसल, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यकारी अभियंता और जेल विभाग ने परियोजना की लागत बताते हुए एक नया प्रस्ताव पेश किया था, जो बढ़कर 4.49 करोड़ रुपये तक हो गया है। 


गौरतलब हो कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई की मुख्य जगहों पर अजमल कसाब सहित दस पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें 166 लोगों की मौत हो गई थी और 600 लोग घायल हो गए थे।जवाबी कार्रवाई में नौ आतंकी मारे गए थे, पर कसाब को मुंबई पुलिस ने दक्षिणी मुंबई के मरीन ड्राइव से जिंदा पकड़ लिया था। इसके बाद कसाब को साल 2012 में पुणे के यरवदा जेल में फांसी दे दी गई। 

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