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Karnataka: 'कॉरपोरेशन घोटाले में हनीट्रैप से फंसाए अधिकारी, खरीदीं लग्जरी कारें', भाजपा नेताओं का बड़ा आरोप

Fri, 12 Jul 2024 01:52 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 12 Jul 2024 01:52 PM IST
सार

वरिष्ठ भाजपा नेता बी श्रीरामुलु ने गुरुवार को दावा किया कि आदिवासी लोगों के कल्याण के लिए रखे गए धन में हेराफेरी कर उससे महंगी लग्जरी कारें खरीदी गईं। उन्होंने कहा कि घोटाले की रकम को लोकसभा चुनाव सहित विभिन्न चुनावों में इस्तेमाल किया गया। 

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karnataka Valmiki Corporation scamsters honey-trapped officials buy luxury cars claims BJP leader
कर्नाटक के सीएम - फोटो : एएनआई

विस्तार

कर्नाटक के चर्चित महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले को लेकर नया खुलासा हुआ है। दरअसल भाजपा नेताओं ने आरोप लगाए हैं कि घोटालेबाजों ने धन की हेराफेरी करने के लिए सरकारी और बैंक अधिकारियों को हनीट्रैप में फंसाया। वरिष्ठ भाजपा नेता बी श्रीरामुलु ने गुरुवार को दावा किया कि आदिवासी लोगों के कल्याण के लिए रखे गए धन में हेराफेरी कर उससे महंगी लग्जरी कारें खरीदी गईं। उन्होंने कहा कि घोटाले की रकम को लोकसभा चुनाव सहित विभिन्न चुनावों में इस्तेमाल किया गया। 
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'घोटाले के पैसों से खरीदी लेम्बोर्गिनी कार'
श्रीरामुलु ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया, 'घोटालेबाजों ने वाल्मीकि निगम के फंड से एक लेम्बोर्गिनी कार खरीदी और 'हवाला' चैनलों के जरिए धन डायवर्ट कर इसे चुनावों में खर्च किया।' पूर्व मंत्री और भाजपा नेता नरसिंह नायक ने इस घाटोले में राज्य सरकार की भूमिका को भी संदिग्ध बताया। नायक ने कहा कि 'हम सभी जानते हैं कि वित्त सचिव की मंजूरी के बिना तीन करोड़ रुपये से अधिक राशि हस्तांतरित नहीं की जा सकती, लेकिन एक ही दिन में 50 करोड़ रुपये हस्तांतरित कर दिए गए। यह आश्चर्य की बात है कि सरकार में किसी को भी इसके बारे में पता नहीं था।'
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187 करोड़ रुपये की अवैध राशि हस्तांतरित की गई
भाजपा नेता के अनुसार, यह राशि 16 व्यवसायियों के खातों में हस्तांतरित की गई। हस्तांतरित की गई राशि 4.12 करोड़ रुपये से 5.98 करोड़ रुपये के बीच थी। दोनों भाजपा नेताओं ने कांग्रेस विधायक बी नागेंद्र की गिरफ्तारी की मांग की, जिन्होंने घोटाला सामने आने के बाद आदिवासी कल्याण मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। कथित घोटाले का खुलासा तब हुआ जब निगम के लेखा अधीक्षक चंद्रशेखरन पी ने 26 मई को आत्महत्या कर ली थी और एक सुसाइड नोट छोड़ा। सुसाइड नोट में चंद्रशेखर पी ने आरोप लगाया कि निगम से 187 करोड़ रुपये की राशि अवैध रूप से हस्तांतरित की गई। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इसमें कुछ आईटी कंपनियों और हैदराबाद स्थित एक सहकारी बैंक के विभिन्न खातों में अवैध रूप से जमा किए गए 88.62 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। 
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कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने कथित घोटाले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जिसने अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। एसआईटी ने नागेंद्र और निगम के अध्यक्ष बसनगौड़ा दद्दाल से पूछताछ की है। इस बीच, केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में नागेंद्र और दद्दाल से कथित तौर पर जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की।ी
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