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मंदिर के ट्रस्टी को बाहर निकालने के लिए महंत ने मिलाया था प्रसाद में 15 बोतल कीटनाशक
Thu, 20 Dec 2018 02:03 PM IST
अनिल पांडेय
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, चामराजनगर
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, चामराजनगर
Published by: अनिल पांडेय
Updated Thu, 20 Dec 2018 02:03 PM IST
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- फोटो : PTI
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मंदिर के मुख्य ट्रस्टी को बाहर निकालने के लिए और फंड्स को अपने नियंत्रण में करने के लिए सिद्धपुरुष ने कोल्लेंगल के सुलिवादी गांव में स्थित किचगुथ मरम्मा मंदिर के भक्तों को जहर देने की भयानक साजिश रची। यह बात पुलिस ने बुधवार को बताईं। सिद्धपुरुष के आदेश पर उसकी प्रेमिका, प्रेमिका के पति और पास के मंदिर के पुजारी ने 14 दिसंबर को प्रसाद में जहर मिला दिया। जिसकी वजह से 15 भक्तों की मौत हो गई और 100 भक्त अस्पताल में भर्ती हो गए।
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सिद्धपुरुष का नाम इम्मादी महादेवा स्वामी है। उसे और उसके तीन साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तीनों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। जिसमें उन्हें मौत की सजा मिल सकती है। सिद्धपुरुष जोकि कोल्लेंगल तालुक के सालूर मठ में जूनियर था, उसने जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की। पुलिस को इस मामले को सुलझाने में मदद तब मिली जब एक कृषि अधिकारी सिद्धपुरुष की प्रेमिका अंबिका के घर घटना से आठ दिन पहले संदिग्ध मुलाकात करने के लिए पहुंचा।
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अधिकारी जोकि अंबिका का रिश्तेदार है उसने पुलिस को बताया कि उसने उसे 500 मिलीलीटर के कीटनाशकों की दो बोतल दी थीं। अंबिका ने बताया कि उसे इसकी जरुरत अपने बाग में लगे पौधों के लिए थी। घटना के कुछ दिनों बाद जब अधिकारी को प्रसाद में जहर मिले होने की बात पता चली तो उसने अंबिका को बुलाया। उसने अधिकारी से कहा कि उसने ऐसा सिद्धपुरुष के आदेश पर किया। अंबिका और स्वामी एक ही गांव से हैं, दोनों एक-दूसरे के साथ विवाहेत्तर रिश्ते में थे।
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आईजीपी केवी शरत चंद्र ने एक प्रेस कांफ्रेस में बुधवार को कहा, 'किसने घटना को अंजाम दिया, हमारा ध्यान इस बात पर केंद्रीत था कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। हम इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि यह एक गलत कार्य था।' बता दें कि मरम्मा मंदिर की आधारशिला रखे जाने के मौके पर प्रसाद बांटा गया था। पुलिस ने कहा कि प्रसाद खाने के बाद लोगों को उल्टी होने के साथ पेट में दर्द होने लगा। घटना के बाद आनन-फानन में लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया था।