शशिकला ने कोरोना को दी मात, AIADMK के झंडे वाली गाड़ी में बैठ अस्पताल से लौटीं, सियासी पारा चढ़ा
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तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले इस कड़ाके की सर्दी में सियासी पारा चढ़ गया है। एआईएडीएमके से निष्कासित नेता वी के शशिकला को रविवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। जयललिता की करीबी नेता शशिकला कोरोना संक्रमण को मात देकर अस्पताल से AIADMK के झंडे वाली गाड़ी में बैठकर अपने लौटीं। शशिकला को कोरोना संक्रमित होने के बाद 21 जनवरी को बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे जयलिता की करीबी सहयोगी शशिकला ने बेहद स्पष्ट संदेश देते हुए AIADMK के झंडे वाली गाड़ी में बैठकर अस्पताल से बाहर निकलीं। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद शशिकला उत्तरी बेंगलुरु के दवनहाली स्थित नंदी हिल्स पहुंचीं। पार्टी से निष्कासित की गई शशिकला के इस कदम पर सत्तारूढ़ दल सवाल उठा रहा है। चुनाव से पहले शशिकला के इस कदम से राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है।
पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा : एआईएडीएमके
66 वर्षीय शशिकला को आय से अधिक संपत्ति के मामले में चार वर्ष कैद की सजा पूरी करने के बाद बुधवार को जेल से रिहा किया गया था। अन्नाद्रमुक कई बार साफ कर चुकी है कि शशिकला को पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा और जेल से उनकी रिहाई का पार्टी पर कोई असर नहीं होगा। पार्टी ने के पलानीस्वामी को अन्नाद्रमुक की ओर से अगले चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
बता दें कि पलानीस्वामी और ओ पनीरसेल्वम ने एआईएडीएमके के अपने-अपने धड़ों के विलय कर लिया था। इसके बाद शशिकला और उनके भांजे टीटीवी दिनाकरण सहित अन्य लोगों को सितंबर, 2017 में पार्टी से निकाल दिया था।
पार्टी का झंडा लगाना कानून के खिलाफ
अन्नाद्रमुक ने ट्वीट किया कि शशिकला द्वारा पार्टी के झंडे का उपयोग गैरकानूनी है। पार्टी ने मत्स्य पालन मंत्री और वरिष्ठ नेता डी. जयकुमार के हवाले से कहा कि शशिकला पार्टी की सदस्य नहीं हैं, ऐसे में वह पार्टी का झंडा कैसे लगा सकती हैं? यह कानून के खिलाफ है। वहीं वी के शशिकला का बचाव करते हुए अम्मा मक्कल मुनेत्र कझगम के महासचिव दिनाकरण ने दावा किया कि वह (शशिकला) अन्नाद्रमुक की महासचिव हैं। उनके खिलाफ अदालत में एक मामला लंबित है। वे बिल्कुल एआईएडीएमके के झंडे वाली गाड़ी में जा सकती हैं।
वी के शशिकला जब अस्पताल से निकलीं, तो उनके समर्थकों की भीड़ ने उनका स्वागत किया। पुलिस ने बताया कि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 300 से अधिक पुलिकर्मी तैनात किए गए। शशिकला की रिहाई ऐसे समय में हुई है, जब तमिलनाडु में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।