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कर्नाटक: मैंगलोर में नगर निगम की संपत्ति ही कुर्क करने का निर्देश, जानें कोर्ट ने क्यों दिया ये आदेश
Thu, 13 Oct 2022 03:30 PM IST
श्रेया मेहरोत्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैंगलोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैंगलोर
Published by: श्रेया मेहरोत्रा
Updated Thu, 13 Oct 2022 03:30 PM IST
सार
एमसीसी ने 2008 में पम्पवेल क्षेत्र में प्रस्तावित बस टर्मिनल के निर्माण के लिए 7.23 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। इसके लिये 33 परिवारों ने अपनी जमीन दी थी, 16 परिवारों ने अधिक मुआवजे की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : Social Media
विस्तार
कर्नाटक के मैंगलोर में जिला अदालत ने पंपवेल क्षेत्र में बस टर्मिनल परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण करने के बाद मुआवजे का भुगतान नहीं करने पर मंगलुरु नगर निगम (एमसीसी) की चल संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया है।
एमसीसी आयुक्त अक्षय श्रीधर ने गुरुवार को कहा कि अदालत के अमीन संपत्ति कुर्क करने के आदेश के साथ बुधवार को एमसीसी कार्यालय आए थे। हालांकि, निगम की मांग पर मुआवजे चुकाने की समय सीमा 25 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई।
एमसीसी ने 2008 में पम्पवेल क्षेत्र में प्रस्तावित बस टर्मिनल के निर्माण के लिए 7.23 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। इसके लिये 33 परिवारों ने अपनी जमीन दी थी, 16 परिवारों ने अधिक मुआवजे की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था।
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अदालत में 16 मुकदमों पर सुनवाई लंबित है। निगम पहले इन मामलों पर स्थगन लेने में सफल रहा था। स्थगन अवधि समाप्त होने के बाद एमसीसी की संपत्ति कुर्क करने का अदालत का आदेश आया।
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एमसीसी आयुक्त अक्षय श्रीधर ने गुरुवार को कहा कि अदालत के अमीन संपत्ति कुर्क करने के आदेश के साथ बुधवार को एमसीसी कार्यालय आए थे। हालांकि, निगम की मांग पर मुआवजे चुकाने की समय सीमा 25 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई।
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एमसीसी ने 2008 में पम्पवेल क्षेत्र में प्रस्तावित बस टर्मिनल के निर्माण के लिए 7.23 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। इसके लिये 33 परिवारों ने अपनी जमीन दी थी, 16 परिवारों ने अधिक मुआवजे की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था।
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अदालत में 16 मुकदमों पर सुनवाई लंबित है। निगम पहले इन मामलों पर स्थगन लेने में सफल रहा था। स्थगन अवधि समाप्त होने के बाद एमसीसी की संपत्ति कुर्क करने का अदालत का आदेश आया।