फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Karnataka: Income tax raids on cooperative banks ahead of Karnataka assembly elections

Karnataka: सहकारी बैंकों पर छापे में 1,000 करोड़ के फर्जी खर्च का खुलासा, तलाशी में 5.3 करोड़ की नकदी जब्त

Wed, 12 Apr 2023 12:05 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Wed, 12 Apr 2023 12:05 AM IST
सार

सीबीडीटी ने बताया कि सबूतों के जरिए पता चला है कि सहकारी बैंक विभिन्न व्यापारिक संस्थाओं द्वारा जारी किए गए फर्जी संस्थाओं के नाम पर जारी बियरर चेक में बड़े पैमाने पर छूट देते थे। 

विज्ञापन
Karnataka: Income tax raids on cooperative banks ahead of Karnataka assembly elections
आयकर विभाग (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

आयकर विभाग ने कर्नाटक के कुछ सहकारी बैंकों पर छापा मारकर 1,000 करोड़ रुपये के फर्जी खर्च और कथित वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने मंगलवार को कहा कि कुछ समय पूर्व यह कार्रवाई की गई थी।
विज्ञापन


आयकर विभाग को संदेह था कि ये बैंक ‘अपने ग्राहकों की विभिन्न व्यावसायिक संस्थाओं के धन को इस तरह से इधर-उधर कर रहे हैं, ताकि उन्हें कर देनदारी से बचाया जा सके। इसके बाद इन बैंकों के 16 परिसरों में 31 मार्च को तलाशी शुरू की गई। सीबीडीटी ने कहा कि तलाशी के दौरान 3.3 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और दो करोड़ रुपये के आभूषण जब्त किए गए।
विज्ञापन


काल्पनिक संस्थाओं के नाम पर चल रहा था चेक भुनाने का खेल
बोर्ड ने कहा, जब्त किए गए सबूतों से पता चला है कि ये सहकारी बैंक विभिन्न व्यापारिक संस्थाओं की ओर से काल्पनिक संस्थाओं के नाम पर जारी किए गए धारक चेक को भुनाने में शामिल थे। इन व्यावसायिक संस्थाओं में ठेकेदार, रियल एस्टेट जैसी कंपनियां शामिल हैं। इस तरह के धारक चेक को भुनाने में केवाईसी मानदंडों का पालन नहीं किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आयकर विभाग के अनुसार, छूट के बाद राशि इन बैंकों के साथ बनाए गए कुछ सहकारी समितियों के बैंक खातों में भी जमा की गई थी। इसके अलावा यह भी पता चला है कि कुछ सहकारी समितियों ने बाद में अपने खातों से नकदी में धन वापस ले लिया और व्यावसायिक संस्थाओं को नकद वापस कर दिया। चेकों की इस तरह की छूट का उद्देश्य नकदी निकासी के वास्तविक स्रोत को छिपाना था। विभाग का मानना है कि इस कार्यप्रणाली में सहकारी समितियों को गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है। सीबीडीटी ने बताया, "इन लाभार्थी व्यावसायिक संस्थाओं द्वारा लगभग 1,000 करोड़ रुपये का फर्जी खर्च दिखाया गया। 


साथ ही इन बैंकों ने बिना नकद जमा किए ही एफडीआर खोलने की अनुमति दी और बाद में संपार्श्विक के रूप में उसी का उपयोग करके लोन को स्वीकार किया। सीबीडीटी ने कहा कि इन सहकारी बैंकों का प्रबंधन उनकी अचल संपत्ति और अन्य व्यवसायों के माध्यम से "बेहिसाब" धन की कमाई करने में शामिल था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed