हिंसा के बाद कार्रवाई: कर्नाटक में AIMIM पार्षद के पति समेत 88 गिरफ्तार, महाराष्ट्र में 61 आरोपियों पर शिकंजा, छह मामले दर्ज
कर्नाटक पुलिस ने जहां हिंसा मामले में एआइएमआइएम पार्षद के पति समेत 89 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं महाराष्ट्र पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए छह मामले दर्ज किए साथ ही 61 लोगों को गिरफ्तार किया है।
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कर्नाटक के हुबली और महाराष्ट्र में रामनवमी पर भड़की हिंसा के मामले में अब दोनों राज्यों की सरकारों ने कार्रवाई तेज कर दी है। कर्नाटक पुलिस ने जहां मामले में एआइएमआइएम पार्षद के पति समेत 89 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं महाराष्ट्र पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए छह मामले दर्ज किए साथ ही 61 लोगों को गिरफ्तार किया है।
जानें क्या है कर्नाटक का मामला
कर्नाटक के हुबली शहर के ओल्ड टाउन इलाके में सोमवार शांति बहाल रही। वहीं, पुलिस ने रविवार को हुई घटना के सिलसिले में 89 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार आरोपी फरार हैं। एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भीड़ ने हंगामा किया था और एक थाना और एक हनुमान मंदिर को निशाना बनाया गया था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के बाद हिंसा भड़की और कथित तौर पर पोस्ट करने वाले व्यक्ति को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस के मुताबिक राज्य की राजधानी से करीब 410 किलोमीटर दूर हुबली में सोमवार को स्थिति शांतिपूर्ण रही।
मुख्यमंत्री ने हुबली में हिंसा के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा, गिरफ्तारियां की गई हैं और जांच जारी है। इसके पीछे के सभी लोग, नेतागण भी जांच का सामना करेंगे और कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि पुरानी हुबली थाने पर भीड़ द्वारा पथराव करने के बाद इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई थी। इस घटना में चार पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे।
पुलिस के अनुसार भीड़ आपत्तिजनक व्हाट्सएप पोस्ट करने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही थी जबकि पुलिस इस मामले में आरोपी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है। लेकिन हंगामा करने वाले पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे और इसी वजह से आधी रात के करीब उन्होंने थाने पर पथराव किया और कई वाहन भी तोड़ दिए थे।
अस्पताल और हनुमान मंदिर पर भी हमला
पुलिस आयुक्त के अनुसार भीड़ ने इसके बाद स्थानीय अस्पताल और हनुमान मंदिर में भी पथराव किया। जिसके बाद पुलिस को उनपर लाठीचार्ज करना पड़ा था।
अमरावती में झंडा बदलने और मुंबई में कलश यात्रा के दौरान झड़प
- महाराष्ट्र के अमरावती और मुंबई के गोरेगांव में भी हिंसक झड़पें हुई हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव फैल गया है। इसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। इन इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण पर नियंत्रण में बताई गई है। अमरावती में शहर के प्रवेश द्वार पर भगवा झंडा लगाने को लेकर हिंसा भड़की। इस हिंसा में दो पुलिसकर्मी समेत कई लोग घायल हुए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सातव ने बताया कि रविवार आधी रात को हुई इस घटना के बाद एफआईआर दर्ज कर दोनों समूहों के 22 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
- वहीं, अमरावती के अचलपुर, परतवाड़ा और कांदली समेत प्रभावित इलाकों में धारा 144 लागू की गई है। साथ ही, राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की टुक ड़ियां तैनात कर पुलिस की गश्त तेज कर दी गई हैं।
- वहीं, मुंबई के गोरेगांव में आरे कॉलोनी के गौतम नगर में शिवमंदिर से निकाली गई कलश यात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प के बाद पथराव हुआ। डीसीपी सोमनाथ घरगे ने कहा कि यह घटना रविवार को रात में हुई, जिसमें दस लोग जख्मी हुए हैं, लेकिन कोई अस्पताल में भर्ती नहीं है। इस मामले में तीन प्राथमिकी दर्ज कर 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
महाराष्ट्र में अब तक 61 लोग गिरफ्तार
महाराष्ट्र के मानखुर्द समेत अन्य जगहों पर रामनवमी समारोह के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में विभिन्न थानों में 6 मामले दर्ज हैं। मानखुर्द में दो समुदायों के सदस्यों के बीच झड़प की घटना में 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अलग-अलग मामलों में कुल 61 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है।
महाराष्ट्र के अमरावती जिले के अचलपुर शहर में कर्फ्यू
दो समुदायों के सदस्यों द्वारा धार्मिक झंडे हटाने को लेकर एक-दूसरे पर पथराव करने के बाद सोमवार को महाराष्ट्र के अमरावती जिले के अचलपुर शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया।
महाराष्ट्र : अब्दुल मतीन शेखानी ने किया सरेंडर
4 दिन से फरार चल रहे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के नेता अब्दुल मतीन शेखानी ने आज ठाणे कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद राज ठाकरे की लाउडस्पीकर वाली टिप्पणी पर अपने बयान के सिलसिले में PFI नेता अब्दुल मतीन शेखानी को ठाणे की अदालत से 15,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मिल गई है।
रैलियों पर रोक लगानी चाहिए: पटोले
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार को सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश कर रहे नेताओं की रैलियों पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने यह मांग महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे द्वारा एक मई को रैली किये जाने की घोषणा के एक दिन बाद की है।
पवार ने भी पटोले का किया समर्थन
बेंगलुरु में राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि हमने रामनवमी के दौरान सांप्रदायिक हिंसा के बारे में कभी नहीं सुना। इसके पीछे की वजह बीजेपी और उनके कुछ संगठन हैं। दिल्ली की कानून-व्यवस्था की स्थिति केंद्र सरकार के अधीन आती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के अलावा कोई भी संगठन जो समस्या पैदा करता है, अशांति पैदा कर सकता है और अगर कोई राज्य सरकार या केंद्र सरकार इसे (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाना चाहती है, तो मैं न नहीं कहूंगा।