फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Karnataka Home Minister Araga Jnanendra says Cabinet has approved the anti-conversion bill

कर्नाटक: धर्मांतरण विरोधी बिल को कैबिनेट से मिली मंजूरी, फिलहाल अध्यादेश के रूप में होगा लागू

Thu, 12 May 2022 05:55 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 12 May 2022 05:55 PM IST
सार

कर्नाटक में धर्मांतरण विरोधी बिल को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। अब इसे विधानसभा के अगले सत्र में पेश किया जाएगा। तब तक ये अध्यादेश के रूप में लागू रहेगा।
 

विज्ञापन
Karnataka Home Minister Araga Jnanendra says Cabinet has approved the anti-conversion bill
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई - फोटो : एएनआई

विस्तार

कर्नाटक में धर्मांतरण विरोधी बिल को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। अब इसे विधानसभा के अगले सत्र में पेश किया जाएगा। तब तक ये अध्यादेश के रूप में लागू रहेगा। कर्नाटक के गृहमंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने इसकी जानकारी दी। धर्मांतरण विरोधी विधेयक पर कर्नाटक के मंत्री मधु स्वामी ने कहा है कि धर्मांतरण विरोधी कानून से पहले एक अध्यादेश लाया जाना है। विधानसभा में जो भी पास हुआ था, उसे बिना संशोधन के अध्यादेश बनाकर लागू किया जाएगा। हम अध्यादेश को पारित करने के लिए परिषद के पास जाएंगे।

विज्ञापन


इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने अध्यादेश के माध्यम से विवादास्पद धर्मांतरण विरोधी बिल लाने का फैसला किया था। दरअसल कर्नाटक में सत्तारूढ़ दल के पास राज्य विधानमंडल के ऊपरी सदन में बहुमत नहीं है इसलिए बोम्मई सरकार ने ऐसा किया। हाल ही में धर्मांतरण विरोधी बिल को लेकर राज्य के सीएम बासवराज बोम्मई ने कहा था कि चूंकि इस समय विधानसभा सत्र नहीं चल रहा है इसलिए हम इसे एक अध्यादेश के माध्यम से कैबिनेट में ला रहे हैं। जहां मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा के अगले सत्र में पेश किया जाएगा। 
विज्ञापन


गौरतलब है कि वर्तमान में कर्नाटक विधानमंडल के उच्च सदन में भाजपा के पास बहुमत नहीं है। जून माह में कर्नाटक में एमएलसी चुनाव होने हैं, जिनमें भाजपा के पास कर्नाटक विधानमंडल के उच्च सदन में बहुमत हासिल करने का मौका होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि भाजपा ने पिछले साल दिसंबर में ‘कर्नाटक धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का संरक्षण विधेयक, 2021’ को विधानसभा में पेश किया था। तब इस बिल को लेकर सदन में काफी हंगामा हुआ था। विपक्ष मुख्यतया कांग्रेस ने इसका जोरदार विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट किया था। ये बिल विधानपरिषद में लंबित है। चूंकि अभी विधानपरिषद और विधानसभा का सत्र समाप्त हो गया है। इसलिए इसे अध्यादेश के रूप में कैबिनेट में लाया गया था।


इस बीच, कर्नाटक के मंत्री सीएन अश्वथ नारायण ने पीएसआई मामले में बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार पीएसआई मामले की गहन जांच कर रही है। इसमें किसी को बचाने का सवाल ही नहीं है। इसमें शामिल लोग बेनकाब होंगे।  उन्होंने सीएम से 10 साल पहले हुए मामलों की जांच कराने का आग्रह भी किया। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed