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Karnataka High Court: क्या राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के आने पर ही काम करेंगे निकाय
Sat, 25 Jun 2022 04:32 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, बेंगलुरु।
एजेंसी, बेंगलुरु।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 25 Jun 2022 04:32 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के संबंध में की है, जिनमें दावा किया गया है कि पीएम मोदी की बेंगलुरु यात्रा के दौरान बीबीएमपी ने शहर की सड़कों की मरम्मत पर 23 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
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Karnataka High Court
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका की कार्यप्रणाली पर तंज करते पूछा कि क्या स्थानीय निकाय तभी काम करेंगे, जब राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री शहर आएंगे और अलग-अलग सड़कों पर यात्रा करेंगे। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के संबंध में की है, जिनमें दावा किया गया है कि पीएम मोदी की बेंगलुरु यात्रा के दौरान बीबीएमपी ने शहर की सड़कों की मरम्मत पर 23 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
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असल में अदालत बैंगलोर विकास प्राधिकरण (बीडीए) और बैंगलोर जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (बीडब्ल्यूएसएसबी) के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना याचिका की सुनवाई कर रही थी। मंजुला पी और शारदम्मा पी नामक दो महिलाओं ने विश्वेश्वरैया लेआउट में अपने आवास स्थलों के लिए पानी व सीवर लाइन कनेक्शन की बहाली की मांग करते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। महिलाओं के लिए कनेक्शनों की स्वीकृति तो दी जा चुकी है, लेकिन कनेक्शन नहीं दिए गए हैं।
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हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 21 अक्टूबर, 2020 को स्थानीय निकायों को दो महीने के भीतर दोनों महिलाओं के घरों पर कनेक्शन देने का आदेश देते हुए मामले का निपटारा करने का आदेश दिया था। लेकिन, करीब दो वर्ष बीतने के बाद भी कनेक्शन नहीं होने पर महिलाओं ने उच्च न्यायालय में बीडीए और बीडब्ल्यूएसएसबी के आयुक्तों और संबंधित अभियंताओं के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की, क्योंकि इन अधिकारियों ने अदालत के पहले के आदेश का पालन नहीं किया था।
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