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Karnataka HC: चुनाव की घोषणा के बाद ही निर्वाचन अधिकारी को तलाशी का अधिकार
Wed, 12 Apr 2023 06:09 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 12 Apr 2023 06:09 AM IST
सार
अदालत ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि उन्हें चुनाव आयोजित करने के लिए अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया है, वे चुनाव की घोषणा से पूर्व उक्त अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सकते। अदालत ने कहा, चुनाव की घोषणा के बाद उनके लिए सारे रास्ते खुल जाएंगे, लेकिन उससे पहले नहीं।
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Karnataka High Court
- फोटो : PTI
विस्तार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ चुनाव की घोषणा के बाद ही निर्वाचन अधिकारियों को किसी सामग्री की तलाशी और उसे जब्त करने का अधिकार है। न्यायमूर्ति एम. नागाप्रसन्ना ने इस्तियाक अहमद की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अपने हालिया फैसले में कहा कि चुनाव की घोषणा के पूर्व किसी सामग्री की तलाशी या उसे जब्त करना निर्वाचन अधिकारी/अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।
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अदालत ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि उन्हें चुनाव आयोजित करने के लिए अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया है, वे चुनाव की घोषणा से पूर्व उक्त अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सकते। अदालत ने कहा, चुनाव की घोषणा के बाद उनके लिए सारे रास्ते खुल जाएंगे, लेकिन उससे पहले नहीं। शिवाजीनगर के निर्वाचन अधिकारी ने 19 मार्च, 2023 को अहमद के आवास से 25 किलोग्राम वजन के 530 बोरे चावल जब्त किए थे, जिसके बाद अहमद ने उच्च न्यायालय का रुख किया।
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रामनवमी पर हिंसा मामले की 17 को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दाखिल कर बंगाल, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड और तेलंगाना राज्यों को रामनवमी पर हुई हिंसा में लोगों की संपत्ति के नुकसान और चोटों का आकलन कर पर्याप्त मुआवजा देने का निर्देश देने की मांग की गई है। लखनऊ में पंजीकृत ट्रस्ट हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने यह आवेदन दायर किया है। सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने मंगलवार को वकील हरि शंकर जैन की ओर से इस मामले का उल्लेख करने के बाद आवेदन पर 17 अप्रैल को विचार करने पर सहमति जताई।
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