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कर्नाटक: आधुनिक भारतीय महिलाओं पर की थी विवादित टिप्पणी, स्वास्थ्य मंत्री सुधाकर ने अब दी सफाई
Mon, 11 Oct 2021 05:59 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 11 Oct 2021 05:59 PM IST
सार
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री रविवार को आधुनिक भारतीय महिलाओं को लेक एक विवादित टिप्पणी कर गए थे। उन्होंने कहा था कि पश्चिमी संस्कृति के असर के चलते हमारी सोच में एक गलत बदलाव आया है। वहीं, सोमवार को उन्होंने कहा कि मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया।
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कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर
- फोटो : facebook.com/DrSudhakarK.Official
विस्तार
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर रविवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोलॉजिकल साइंसेज की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। लेकिन, यहां वह एक विवादित बयान दे गए थे। सुधाकर ने कहा था कि आधुनिक भारतीय महिलाएं बच्चों को खुद जन्म देने के स्थान पर सरोगेसी (किराये की कोख) को प्रधानता देती हैं और हमारी सोच में आ रहा इस तरह का बदलाव बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
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सोमवार को दी अपने बयान पर सफाई
वहीं, सोमवार को सुधाकर ने कहा कि मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया और मेरा महिलाओं को अलग करने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि मैने जो कहा वह एक सर्वे पर आधारित था, जिसमें उन आंकड़ों का हवाला दिया गया था कि युवा पीढ़ी इसके बारे में क्या सोचती है। सुधाकर ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेरे 19 मिनट 30 सेकंड के संबोधन के एक छोटे हिस्से का गलत मतलब निकाला गया।
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यह बोले थे कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री
बंगलूरू में हुए इस कार्यक्रम में सुधाकर ने कहा था, 'मुझे ये कहते हुए बहुत दुख हो रहा है कि कई आधुनिक भारतीय महिलाएं अकेले रहना चाहती हं। अगर वो शादी भी करती हैं तो बच्चे को जन्म नहीं देना चाहतीं। वह सरोगेसी को प्रधानता देती हैं। हमारी सोच में एक विचारणीय बदलाव आया है, जो ठीक नहीं है। दुर्भाग्य से आज हम पश्चिमी मार्ग पर जा रहे हैं। हम अपने माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहते हैं, दादा-दादी के साथ रहने की बात तो भूल ही जाइए।'
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वहीं, मानसिक स्वास्थ्य के बारे में सुधाकर ने कहा कि इस समय देश में हर सातवां व्यक्ति किसी न किसी मानसिक समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि तनाव प्रबंधन एक तरह की कला है और इसके लिए भारतीयों को योग और ध्यान की ओर अपना रुख करना चाहिए, जो हमारे पुरखे हमें सिखा कर गए हैं। इसके साथ ही सुधाकर ने राज्य को डेढ़ करोड़ कोरोना वायर के टीके उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को धन्यवाद भी कहा।