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कर्नाटक: विधान परिषद में 'धर्मांतरण' विरोधी विधेयक पेश करेगी बोम्मई सरकार, विधानसभा में पहले ही हो चुकी पारित
Thu, 15 Sep 2022 01:34 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 15 Sep 2022 01:34 PM IST
सार
कांग्रेस और जेडीएस कर्नाटक में धर्मांतरण विरोधी विधेयक का विरोध करती आई है। आज अब देखने वाली बात होगी कि यह बिल विधान परिषद में शांतिपूर्वक पेश होता है या हंगामे की भेट चढ़ेगा।
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बसवराज बोम्मई(फाइल)
- फोटो : Social Media
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विस्तार
कर्नाटक विधानसभा में पारित होने के बाद कर्नाटक सरकार आज कर्नाटक विधान परिषद में धर्मांतरण विरोधी विधेयक पेश करेगी। इस विधेयक में धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार की सुरक्षा और बलपूर्वक, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, प्रलोभन या किसी भी कपटपूर्ण तरीके से एक धर्म से दूसरे धर्म में गैरकानूनी अंतरण पर रोक लगाने का प्रावधान है।
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बिल पेश करना दुर्भाग्यपूर्ण: कांग्रेस
कांग्रेस एमएलसी नागराज ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि बाढ़ के बाद राज्य में बहुत सारे मुद्दे हैं। ऐसी चीजों को करने की क्या जरूरत है? वे ध्रुवीकरण करना चाहते हैं ... यह लोगों को स्वीकार्य नहीं है क्योंकि वे भाईचारे में रहना चाहते हैं। यह उनका अधिकार है पसंद, एक निजी मामला है।
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भाजपा को समर्थन की उम्मीद
इससे पहले, भाजपा एमएलसी डीएस अरुण ने विश्वास व्यक्त किया था कि कांग्रेस और जेडीएस भी इसका समर्थन करेंगे और सब कुछ सुचारू रूप से चलेगा। यहां तक कि कांग्रेस और जेडीएस को भी पेश किए गए इस बिल का समर्थन करना चाहिए। सब कुछ सुचारू रूप से चलना चाहिए। इसे निचले सदन में पारित किया गया था, अब इसे उच्च सदन में कर रहे हैं। हम सभी उत्साहित हैं कि इसे पारित किया जाएगा और यह सबसे प्रतीक्षित बिलों में से एक है। डीएस अरुण ने कहा था।
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