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Karnataka: कर्नाटक सरकार ने हुबली दंगा केस लिया वापस, भड़की BJP ने कांग्रेस पर लगाया मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप

Fri, 11 Oct 2024 05:04 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कर्नाटक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कर्नाटक Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 11 Oct 2024 05:04 PM IST
सार

कर्नाटक के हुबली शहर में 16 अप्रैल 2022 को पुलिस प्रशासन पर हुए हमले मामले में दर्ज आपराधिक मामले को कांग्रेस सरकार ने वापस लेने का फैसला लिया है। सरकार के इस ऐलान के बाद बीजेपी ने राज्य सरकार पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाया है। 

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Karnataka government withdraws Hubli riot case, enraged BJP accuses Congress of Muslim appeasement
राहुल गांधी और सिद्धारमैया - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने 2022 में हुबली में हुए पुलिस पर हमले के मामले में आरोपियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को वापस लेने का फैसला किया है। सरकार के इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति गर्म हो गई है। बीजेपी कांग्रेस सरकार के इस फैसले पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। इसके साथ ही बीजेपी ने राज्य सरकार पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप भी लगाया है। 
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क्या है 2022 हुबली केस?
साल 2022 में हुबली जिले में एक आरोपी ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर अपमानजनक सामग्री पोस्ट की थी। जिससे नाराज अल्पसंख्यक समुदाय के लगभग 150 लोगों ने 16 अप्रैल, 2022 को रात करीब 10.30 बजे उत्तरी कर्नाटक के ओल्ड हुबली टाउन पुलिस स्टेशन के पास डंडों से लैस होकर जमा हुए थे। सूत्रों की माने तो कर्नाटक सरकार की तरफ से यह उन 43 मामलों में से एक है, जिन्हें राज्य मंत्रिमंडल ने गुरुवार को अपनी बैठक में वापस लेने का फैसला किया है। 
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भीड़ ने पुलिस से की थी आरोपी को सौंपने की मांग
हुबली दंगे के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया था कि वहां उपस्थित भीड़ मांग कर रही थी कि पुलिस आरोपी को उन्हें सौंप दें, ताकि वे उसे वहीं खत्म कर सकें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि जो कोई भी आरोपी की बचाएगा, उसे भी नहीं बख्शा जाएगा। इस दौरान भीड़ ने कथित तौर पर आरोपी रक्षा करने वाले पुलिसकर्मियों को मारने के नारे लगाए। सूत्रों ने बताया कि पुलिस इंस्पेक्टर ने उन्हें अपना अड़ियल रुख छोड़ने और मनाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान आक्रोशित भीड़ हर हाल में आरोपी को हासिल करना चाहते थे।
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आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर डंडे और पत्थरों से किया था हमला
इसके बाद भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर डंडों और पत्थरों से हमला किया और जिसमें कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस दौरान आक्रोशित भीड़ पुलिस स्टेशन में मौजूद कई सरकारी और निजी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया था। इसके साथ ही इस मामले में अधिकारी ने आगे बताया कि ओल्ड हुबली टाउन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दंगा, हत्या का प्रयास, सरकारी अधिकारियों पर हमला, सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।




बीजेपी ने सिद्धारमैया सरकार पर साधा निशाना
वही सरकार के इस केस को वापस लेने के बाद बीजेपी लगातार से हमलावर है। इस मामले में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कांग्रेस सरकार के फैसले को तुष्टीकरण की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी तुष्टीकरण की पराकाष्ठा पर पहुंच गई है। उन्होंने यूएपीए मामले के तहत मामला वापस ले लिया है, जबकि मामला एनआईए अदालत में है। जहां तक मुझे पता है, सामान्य तौर पर राज्य सरकार इसे वापस नहीं ले सकता है, लेकिन फिर भी उन्होंने इसे वापस ले लिया है।
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