कावेरी नदी: पानी छोड़े जाने को लेकर SC जाएगी कर्नाटक सरकार, महाअधिवक्ता को दिए अपील दायर करने के निर्देश
कर्नाटक के कानून और संसदीय कार्यमंत्री एच के पाटिल ने बताया कि महाधिवक्ता को आज कैबिनेट में आमंत्रित किया गया था। उन्हें निर्देश दिया गया कि मौजूदा स्थिति के आधार पर विस्तृत जानकारी के साथ वे सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करें।
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कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी नदी का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कर्नाटक सरकार एक बार फिर कावेरी नदी का पानी छोड़े जाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी। कर्नाटक सरकार ने महाअधिवक्ता को निर्देश दिए हैं कि 21 अगस्त को वे सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर करें।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु ने इस सप्ताह की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। तमिलनाडु का कहना है कि खड़ी फसलों के लिए कर्नाटक रोजाना 24,000 क्यूसेक कावेरी पानी दे। कर्नाटक ने मानसूनी बारिश की कमी का हवाला देते हुए कहा कि कावेरी बेसिन क्षेत्रों में पीने के पानी और खड़ी फसलों को पहले प्राथमिकता दिया जाएगा, जिसके बाद ही पानी छोड़ा जाएगा।
#WATCH | Karnataka Minister HK Patil says, "Today the cabinet has decided that we should file our appeal in Supreme Court (On Cauvery water sharing with Tamil Nadu) and on Monday we'll be submitting our request...The five guarantees that have been implemented show how active the… pic.twitter.com/Kr5OKlwgqi
— ANI (@ANI) August 19, 2023
कर्नाटक के कानून और संसदीय कार्यमंत्री एच के पाटिल ने बताया कि महाधिवक्ता को आज कैबिनेट में आमंत्रित किया गया था। उन्हें निर्देश दिया गया कि मौजूदा स्थिति के आधार पर विस्तृत जानकारी के साथ वे सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करें। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अधिक जानकारी देने के लिए मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं फिलहाल इसपर अधिक चर्चा नहीं कर सकता। नहीं को अदालत कह सकती है कि आपने मीडिया को पहले ही सबकुछ बता दिया।