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सिद्धारमैया बोले, कर्नाटक में भाजपा की सरकार बनना "खरीद-फरोख्त की जीत है"
Sat, 27 Jul 2019 04:50 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 27 Jul 2019 04:50 PM IST
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सिद्धारमैया (फाइल फोटो)
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने शनिवार को कहा कि कर्नाटक में भाजपा की सरकार "संवैधानिक या नैतिक तरीके" से नहीं बनी है। सिद्धारमैया ने इसे "खरीद-फरोख्त की जीत" करार दिया।
कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने भाजपा पर सरकार बनाने के लिए राज्यपाल के दफ्तर का "दुरुपयोग" करने का आरोप लगाया।
उन्होंने बंगलूरू में संवाददाताओं से कहा, "येदियुरप्पा राज्यपाल के पद का दुरुपयोग करके शपथ ले रहे हैं, यह संविधान के खिलाफ हैं, हालांकि उनके पास बहुमत नहीं है।"
समीकरण की व्याख्या करते हुए, उन्होंने कहा कि तीन विधायकों की अयोग्यता के बाद विधानसभा में संख्याबल 221 थी और इसका आधा 111 होता है। हालांकि, भाजपा के पास केवल 105 हैं।
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यह कहते हुए कि भाजपा को 111 विधायकों की सूची देनी है, सिद्धारमैया ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि मुंबई में कैंप कर रहे बागी विधायकों के नाम नहीं दिए जा सकते क्योंकि वे कांग्रेस और जद (एस) के थे।
सिद्धारमैया ने पूछा, "यह (भाजपा की) संवैधानिक या नैतिक रूप से गठित सरकार नहीं है। तब वे (भाजपा) बहुमत साबित कैसे करेंगे? क्या इसे संविधान के ढांचे के भीतर कोई मान्यता मिली है?"
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कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने भाजपा पर सरकार बनाने के लिए राज्यपाल के दफ्तर का "दुरुपयोग" करने का आरोप लगाया।
उन्होंने बंगलूरू में संवाददाताओं से कहा, "येदियुरप्पा राज्यपाल के पद का दुरुपयोग करके शपथ ले रहे हैं, यह संविधान के खिलाफ हैं, हालांकि उनके पास बहुमत नहीं है।"
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समीकरण की व्याख्या करते हुए, उन्होंने कहा कि तीन विधायकों की अयोग्यता के बाद विधानसभा में संख्याबल 221 थी और इसका आधा 111 होता है। हालांकि, भाजपा के पास केवल 105 हैं।
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यह कहते हुए कि भाजपा को 111 विधायकों की सूची देनी है, सिद्धारमैया ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि मुंबई में कैंप कर रहे बागी विधायकों के नाम नहीं दिए जा सकते क्योंकि वे कांग्रेस और जद (एस) के थे।
सिद्धारमैया ने पूछा, "यह (भाजपा की) संवैधानिक या नैतिक रूप से गठित सरकार नहीं है। तब वे (भाजपा) बहुमत साबित कैसे करेंगे? क्या इसे संविधान के ढांचे के भीतर कोई मान्यता मिली है?"