कर्नाटकः आज सीएम पद की शपथ लेंगे येदियुरप्पा, जेडीएस-कांग्रेस देर रात पहुंची सुप्रीम कोर्ट
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कर्नाटक में नई सरकार के गठन को लेकर चल रही रस्साकशी बुधवार शाम थम गई। दिनभर चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद राज्यपाल वजुभाई वाला ने देर शाम भाजपा विधायक दल के नेता बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दे दिया। वह बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे सीएम पद की शपथ लेंगे। उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय मिला है।
भाजपा को सरकार बनाने का न्योता मिलने के कांग्रेस और जदएस भड़क गए हैं। कांग्रेस ने राज्यपाल पर भाजपा की कठपुतली होने का आरोप लगाया। कहा कि वह पार्टी को बहुमत का जुगाड़ करने की इजाजत दे रहे हैं।
पार्टी इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। इससे पहले, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘अगर यह सच है तो चौंकाने वाला है। यह लोकतंत्र की हत्या करने के समान है। संविधान को कुचला जा रहा है। पुरानी नजीर की अनदेखी की जा रही है। बहुमत को मोदी सरकार और भाजपा की सनक के वशीभूत नहीं किया जा सकता।’
उधर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि राज्यपाल ने येदियुरप्पा को ‘104 को 111 बनाने’ के लिए 15 दिन का समय दे दिया है।येदियुरप्पा को न्योता मिलने की पहली पुष्टि प्रदेश भाजपा प्रवक्ता सुरेश कुमार के ट्वीट से हुई। इसके बाद, पुलिस महानिदेशक का वह पत्र सार्वजनिक हो गया, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को भाजपा नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए थे।
दिन भर तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम में भाजपा और कांग्रेस-जदएस गठबंधन ने राज्यपाल वजुभाई वाला से मिलकर सरकार बनाने के अपने-अपने दावे पेश किए। भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद येदियुरप्पा ने केंद्रीय नेताओं के साथ राज्यपाल से भेंट की और सरकार बनाने का दावा पेश किया।
इससे पहले, कांग्रेस की बैठक में 12 विधायक गैरहाजिर रहे, वहीं जदएस के दो विधायक भी लापता पाए गए। जदएस के नेता एचडी कुमारस्वामी ने भाजपा पर विधायकों को 100-100 करोड़ रुपये का लालच देने का आरोप लगाया, जिसे भाजपा ने सिरे से खारिज करते हुए कार्यवाहक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर अपने नेताओं के फोन टैप करने का दोष मढ़ दिया। उधर, कांग्रेस ने कहा कि भाजपा के आधा दर्जन विधायक उसके संपर्क में है।
Karnataka Governor's letter inviting BJP's BS Yeddyurappa to form government. #KarnatakaElectionResults2018 pic.twitter.com/EafBULC7nr
— ANI (@ANI) May 16, 2018
भाजपा का गणित
- भाजपा लिंगायत मठों से संपर्क साध रही है। कांग्रेस के 21 और जेडीएस के 10 विधायक लिंगायत समुदाय से हैं।
कांग्रेस-जदएस का फिर दावा
- कांग्रेस, जेडीएस के नेताओं ने बुधवार को राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात कर 115 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा। इसमें कांग्रेस विधायक आनंद सिंह के हस्ताक्षर नहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट में अर्जी, राष्ट्रपति से शिकायत
- कांग्रेस राज्यपाल के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। जदएस के भी जाने की संभावना।
- जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति से शिकायत, विधायकों की परेड
मणिपुर और गोवा की मिसाल
राज्यपाल से मुलाकात के बाद कुमारस्वामी ने कहा कि महामहिम ने उन्हें संविधान और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के आधार पर कदम उठाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के समक्ष गोवा और मणिपुर की मिसाल दी गई। इन दोनों राज्यों में कांग्रेस को भाजपा से ज्यादा सीटें मिली थीं लेकिन वहां के राज्यपालों ने भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को सरकार बनाने का न्योता दिया था।
सिद्धारमैया पर हमला
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के लिए सिद्धारमैया को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया ने ही सभी उम्मीदवारों का चयन किया था और लिंगायत मुद्दे को भी उन्होंने ही हवा दी थी। इसलिए हार की जिम्मेदारी भी उन्हीं की बनती है।
भाजपा का गणित
- विधानसभा में विश्वास मत के दौरान कांग्रेस और जेडीएस के कम से कम 15 विधायकों को गैर हाजिर रखने की प्लानिंग है. इससे सदन में संख्या बल 222 से घटकर 207 हो जाएगा. इसके बाद बीजेपी अपने 104 विधायकों के दम पर आसानी से बहुमत साबित कर लेगी. बहुमत का जादुई आंकड़ा 112 से घटकर 104 पर आ जाएगा।
- बीजेपी कांग्रेस के लिंगायत विधायकों के संपर्क में हैं. इसके लिए पार्टी लिंगायत मठों से संपर्क साध रही है। इस बार कांग्रेस के 21 और जेडीएस के 10 विधायक लिंगायत समुदाय से हैं।
- बीजेपी चाहती है कि कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को सरकार बनाने का न्योता और विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए वक्त दें।
कांग्रेस-जदएस की रणनीति
- कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं ने राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात की। जेडीएस और कांग्रेस ने राज्यपाल को 117 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा है. इसमें 78 कांग्रेस, 37 जेडीएस, एक बसपा और एक निर्दलीय विधायक के हस्ताक्षर हैं।
भाजपा को मिला न्योता तो ये कदम उठाएगी कांग्रेस
- गवर्नर के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका
- गवर्नर के सामने विधायकों की परेड
- जरूरत पड़े तो राष्ट्रपति से शिकायत, राष्ट्रपति के सामने ही विधायकों की परेड