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Karnataka Exit Poll Explained: कर्नाटक के एग्जिट पोल किस ओर कर रहे इशारा? जानें BJP-कांग्रेस-JDS का क्या होगा
Wed, 10 May 2023 08:11 PM IST
हिमांशु मिश्रा
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Wed, 10 May 2023 08:11 PM IST
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सार
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कर्नाटक एग्जिट पोल
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
कर्नाटक में विधानसभा चुनाव खत्म हो चुका है। आज मतदान के बाद कई एजेंसियों ने एग्जिट पोल भी जारी कर दिए हैं। 224 विधानसभा सीटों वाले इस सूबे में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 113 सीटों पर जीत हासिल करनी होगी।दो एजेंसियों के आंकड़े दावा कर रहे हैं कि राज्य में भाजपा दोबारा सत्ता में आएगी। पांच पोल्स ने कांग्रेस को बहुमत का अनुमान जताया है। अन्य एग्जिट पोल में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कर्नाटक में क्या होगा? क्या वाकई में भाजपा के हाथ से सत्ता जाने वाली है? कांग्रेस क्यों इतनी मजबूत दिख रही है? क्या जेडीएस फिर से किंगमेकर की भूमिका में सामने आएगी? आइए समझते हैं...
पहले जानिए किस एग्जिट पोल में क्या दावे हुए?
कर्नाटक में आज मतदान हुआ। शाम पांच बजे तक कुल 65.69 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। इसके बाद दस एजेंसियों ने एग्जिट पोल के नतीजे जारी किए। इनमें से दो के अनुसार, भाजपा फिर से बहुमत के साथ सरकार बना लेगी। पांच में कांग्रेस को बहुमत के नजदीक दिखा रहे हैं। अन्य में किसी को भी पूर्ण बहुमत मिलते हुए नहीं दिख रहा है। हालांकि, अन्य एजेंसियों ने भी दावा किया है कि कर्नाटक में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। वहीं, जेडीएस फिर से किंगमेकर साबित हो सकती है। कुल मिलाकर ये 2018 वाली हालत बनते दिख रही है। हालांकि, तब भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और इस बार कांग्रेस आगे दिख रही है।
कर्नाटक में आज मतदान हुआ। शाम पांच बजे तक कुल 65.69 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। इसके बाद दस एजेंसियों ने एग्जिट पोल के नतीजे जारी किए। इनमें से दो के अनुसार, भाजपा फिर से बहुमत के साथ सरकार बना लेगी। पांच में कांग्रेस को बहुमत के नजदीक दिखा रहे हैं। अन्य में किसी को भी पूर्ण बहुमत मिलते हुए नहीं दिख रहा है। हालांकि, अन्य एजेंसियों ने भी दावा किया है कि कर्नाटक में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। वहीं, जेडीएस फिर से किंगमेकर साबित हो सकती है। कुल मिलाकर ये 2018 वाली हालत बनते दिख रही है। हालांकि, तब भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और इस बार कांग्रेस आगे दिख रही है।
| एजेंसी | भाजपा | कांग्रेस | जेडीएस | अन्य |
| जी न्यूज - मैट्रिज | 79-94 | 103-118 | 25-33 | 02-05 |
| रिपब्लिक - पी-मारक्यू | 85-100 | 94-108 | 24-32 | 02-06 |
| टीवी9 भारतवर्ष - पोलस्ट्रैट | 88-98 | 99-109 | 21-26 | 0-4 |
| एबीपी न्यूज - सी-वोटर | 83-95 | 100-112 | 21-29 | 02-06 |
| न्यूज नेशन - सीजीएस | 114 | 86 | 21 | 03 |
| एशियानेट सुवर्णा - जन की बात | 94-117 | 91-106 | 14-24 | 0-2 |
| टाइम्स नाऊ - ईटीजी | 78-92 | 106-120 | 20-26 | 02-04 |
| इंडिया टीवी - सीएनएक्स | 80-90 | 110-120 | 20-24 | 01-03 |
| आजतक - एक्सिस माय इंडिया | 62-80 | 122-140 | 20-25 | 0-3 |
| न्यूज 24 - टुडेज चाणक्या | 92 | 120 | 12 | 0 |
क्या हैं एग्जिट पोल के सियासी मायने?
इसे समझने के लिए हमने राजनीतिक विश्लेषक प्रो. अजय कुमार सिंह से बात की। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक के सियासी हालात अन्य राज्यों के मुकाबले थोड़े अलग हैं। यहां मुख्य लड़ाई कांग्रेस और भाजपा के बीच होती है, लेकिन कुछ जगहों पर जेडीएस की अच्छी पकड़ है। यही कारण है कि तीनों दलों के बीच सीटों का बंटवारा हो जाता है। 1983 में यहां भाजपा की एंट्री हुई थी। पहले चुनाव में भाजपा ने 18 सीटों पर जीत हासिल की थी। 1994 में भाजपा को 40 सीटों पर जीत मिली थी। इसके बाद से भाजपा लगातार आगे बढ़ती रही। हालांकि, कभी भी भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला।'
प्रो. अजय के अनुसार, दस में से पांच एग्जिट पोल दावा कर रहे हैं कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार पूर्ण बहुमत के साथ बन रही है। दो में भाजपा को बहुमत दिखाया गया है, जबकि अन्य ने हंग विधानसभा बताया है। अभी के हिसाब से देखें तो कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना लेगी। अगर कुछ कम होता है तो जेडीएस समर्थन दे सकती है।
भाजपा अगर बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंच जाती है तो वह भी सरकार बनाने की पूरी कोशिश करेगी। ऐसे में जेडीएस व अन्य विधायकों को साथ लाने की कोशिश करेगी।
इसे समझने के लिए हमने राजनीतिक विश्लेषक प्रो. अजय कुमार सिंह से बात की। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक के सियासी हालात अन्य राज्यों के मुकाबले थोड़े अलग हैं। यहां मुख्य लड़ाई कांग्रेस और भाजपा के बीच होती है, लेकिन कुछ जगहों पर जेडीएस की अच्छी पकड़ है। यही कारण है कि तीनों दलों के बीच सीटों का बंटवारा हो जाता है। 1983 में यहां भाजपा की एंट्री हुई थी। पहले चुनाव में भाजपा ने 18 सीटों पर जीत हासिल की थी। 1994 में भाजपा को 40 सीटों पर जीत मिली थी। इसके बाद से भाजपा लगातार आगे बढ़ती रही। हालांकि, कभी भी भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला।'
प्रो. अजय के अनुसार, दस में से पांच एग्जिट पोल दावा कर रहे हैं कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार पूर्ण बहुमत के साथ बन रही है। दो में भाजपा को बहुमत दिखाया गया है, जबकि अन्य ने हंग विधानसभा बताया है। अभी के हिसाब से देखें तो कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना लेगी। अगर कुछ कम होता है तो जेडीएस समर्थन दे सकती है।
भाजपा अगर बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंच जाती है तो वह भी सरकार बनाने की पूरी कोशिश करेगी। ऐसे में जेडीएस व अन्य विधायकों को साथ लाने की कोशिश करेगी।