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Karnataka: कर्नाटक सरकार में मचा घमासान, सहकारिता मंत्री के एन राजन्ना ने दिया इस्तीफा; जानें क्या थी वजह
Mon, 11 Aug 2025 03:47 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 11 Aug 2025 03:47 PM IST
सार
कर्नाटक के सहकारिता मंत्री रहे एन. राजन्ना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के मुताबिक, पहले उन्होंने विधानसौधा में सीएम सिद्धारमैया से मुलाकात की फिर अपना इस्तीफा सौंपा। रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि उन्होंने ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए थे, इसी मामले में उनसे इस्तीफा लिया गया है।
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कर्नाटक के सहकारिता मंत्री के. एन. राजन्ना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कर्नाटक के सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक शीर्ष सूत्र ने बताया, राजन्ना ने विधान सौधा में मुख्यमंत्री के साथ बैठक की। इस बैठक के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सहकारिता मंत्री के एन राजन्ना का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
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माना जा रहा है इस बयान के बाद ही सिद्धरमैया ने मंत्रिमंडल में अपने सबसे वफादार माने जाने वाले राजन्ना से इस्तीफा देने को कहा। इस्तीफा न देने पर उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया गया। राजन्ना को हटाने का पत्र मुख्यमंत्री ने दोपहर में राज्यपाल को भेजा और राजभवन ने सिफारिश स्वीकार कर ली।
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कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि सिद्धरमैया के वफादार माने जाने वाले राजन्ना के बयान से कांग्रेस आलाकमान का गुस्सा भड़क गया था। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में वोट चोरी के लिए कर्नाटक में अपनी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार को कथित तौर पर दोषी ठहराया था। उन्होंने कहा, कर्नाटक में अनियमितताएं तब हुईं जब कांग्रेस सत्ता में थी। यह सब हमारी आंखों के सामने हुआ। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि राजन्ना का यह बयान उनके लिए घातक साबित हुआ।
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राहुल गांधी ने पिछले दिनों दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और उसके बाद बंगलूरू में एक जनसभा कर दावा किया था कि केंद्र की भाजपा सरकार वोट चोरी के कारण सत्ता में आई है। उन्होंने बंगलूरू सेंट्रल संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से ज्यादा फर्जी मतदाताओं की मौजूदगी का भी हवाला दिया।
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सीएम सिद्धारमैया के करीबी हैं राजन्ना
बता दें कि सीएम सिद्धारमैया के करीबी और राज्य सरकार में मंत्री केएन राजन्ना पिछले दो महीनों से चर्चा में थे जब उन्होंने दावा किया था कि 'अगस्त क्रांति' होगी, जिससे सरकार में बड़े उलटफेर का संकेत मिलता है। वहीं इससे पहले केएन राजन्ना ने कथित मतदाता सूची में हेराफेरी पर पार्टी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए थे। राजन्ना ने कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं पर सवाल करते हुए है कि, जब सूची तैयार की गई थी और उसमें अनियमितताएं थीं, तो इसकी शिकायत क्यों नहीं की गई?
'जब ड्राफ्ट मतदाता सूची बनी तो हमारी सरकार थी'
कर्नाटक के मंत्री केएन राजन्ना ने राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, देखिए...अगर हम ऐसी बातों पर यूं ही बात करने लगेंगे, तो अलग-अलग राय सामने आएंगी। मतदाता सूची कब तैयार हुई थी? यह तब तैयार हुई थी जब हमारी अपनी सरकार सत्ता में थी। उस समय क्या सब लोग आंखें बंद करके चुपचाप बैठे थे? ये अनियमितताएं हुईं थीं, यह सच है। इसमें कुछ भी झूठ नहीं है।
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गड़बड़ियां हमारी आंखों के सामने हुईं- राजन्ना
राजन्ना ने कहा कि ये गड़बड़ियां हमारी आंखों के सामने हुईं, हमें शर्म आनी चाहिए। उस समय हमने ध्यान नहीं दिया। इसलिए भविष्य में हमें सतर्क रहना होगा... महादेवपुरा में वाकई धोखाधड़ी हुई थीं। एक व्यक्ति तीन अलग-अलग जगहों पर पंजीकृत था और तीनों जगह वोट डाला। लेकिन जब प्रारूप मतदाता सूची तैयार होती है, तो हमें उसकी निगरानी करनी चाहिए, है ना? जब प्रारूप मतदाता सूची बनती है, तो हमें आपत्तियां दर्ज करानी चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है। उस समय हम चुप रहे और अब बात कर रहे हैं।
डीके शिवकुमार ने राजन्ना के आरोपों को नकारा
केएन. राजन्ना के आरोपों पर कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि के.एन. राजन्ना पूरी तरह से गलत हैं। उन्हें नहीं पता। मेरे मुख्यमंत्री और मेरी पार्टी के आलाकमान इसका जवाब देंगे।
भाजपा ने पूछा, भ्रष्टाचार के किस आरोप में की गई बर्खास्तगी
राजन्ना की बर्खास्ती का मामला सोमवार को कर्नाटक विधानसभा सत्र के दौरान भी उठा। भाजपा विधायकों ने कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री एचके पाटिल और राजन्ना से मामले को स्पष्ट करने की मांग की। विधानसभा में यह मुद्दा उठाते हुए, विपक्ष के नेता, भाजपा के आर अशोक ने राजन्ना के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में जानना चाहा। उन्होंने पूछा, क्या राजन्ना पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं? उन्होंने कितना पैसा कमाया है और उसे कहां रखा है? उन्होंने तो बस सच कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान जब मतदान हुआ था, तब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी।
विपक्ष के नेता ने कहा, राजन्ना सिद्धरमैया के एकमात्र वफादार थे। क्या उनके निष्कासन के बाद सिद्धरमैया अगला निशाना होंगे? चर्चा के दौरान, भाजपा विधायक एस सुरेश कुमार ने जोर देकर कहा कि चूंकि यह खबर विधानमंडल सत्र के दौरान आई थी, इसलिए बयान जारी करना सरकार का कर्तव्य है। मंत्री पाटिल ने इस मांग को खारिज कर दिया और कहा कि सिर्फ मीडिया की रिपोर्टिंग के आधार पर सरकार से जवाब की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने आगे कहा, अगर ऐसा कोई घटनाक्रम होता है, तो मुख्यमंत्री आपको जरूर सूचित करेंगे। सत्र चल रहा है और यह चर्चा अनावश्यक है।