Karnataka: सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरी कांग्रेस, बीजेपी विधायक के बेटे के मुद्दे पर गरमाई कर्नाटक की राजनीति
मदल विरुपक्षप्पा दो बार से विधायक हैं और उन्होंने अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। बाद में 2004 में वह भाजपा में शामिल हो गए। जब येदियुरप्पा ने बीजेपी से अलग अपनी पार्टी बनाई तो विरुपक्षप्पा येदियुरप्पा के साथ चले गए थे।
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कर्नाटक लोकायुक्त की एंटी करप्शन विंग ने हाल ही में बीजेपी विधायक मदल विरुपक्षप्पा के बेटे के बेंगलुरु स्थित ठिकानों पर छापा मारकर आठ करोड़ रुपए की नकदी बरामद की थी। अब इस मुद्दे पर कर्नाटक की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की योजना बनाई है और आज कर्नाटक कांग्रेस बेंगलुरु में विरोध प्रदर्शन कर रही है। पुलिस ने कांग्रेस के नेता सिद्धारमैया समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया है।
पूर्व सीएम और विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने कहा कि मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे हैं कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त है। अगर ऐसा है तो ये क्या हो रहा है। हमने कभी भी आतंकवाद का समर्थन नहीं किया है। कांग्रेस आतंकवाद का समर्थन क्यों करेगी? अमित शाह भी बड़े झूठे हैं। सिद्धारमैया ने कहा कि हम सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर आज चर्चा करेंगे।
#WATCH | Several Congress leaders including former CM Siddaramaiah detained by Police during their protest against the Karnataka govt in Bengaluru demanding the arrest of BJP MLA Maadal Virupaksha whose son was caught taking bribe pic.twitter.com/3x8aJsk3WU
— ANI (@ANI) March 4, 2023
#WATCH | Congress leaders continue to protest in Bengaluru against BJP Govt in Karnataka, demanding arrest of BJP MLA Maadal Virupaksha whose son was caught taking bribe pic.twitter.com/ZR163GHtrF
— ANI (@ANI) March 4, 2023
कौन हैं बीजेपी विधायक मदल विरुपक्षप्पा
मदल विरुपक्षप्पा दो बार से विधायक हैं और उन्होंने अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। बाद में 2004 में वह भाजपा में शामिल हो गए। जब येदियुरप्पा ने बीजेपी से अलग अपनी पार्टी बनाई तो विरुपक्षप्पा येदियुरप्पा के साथ चले गए थे। हालांकि बाद में वह फिर से येदियुरप्पा के साथ बीजेपी में शामिल हो गए।
विरुपक्षप्पा सरकारी कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट लिमिटेड (केएसडीएल) के चेयरमैन हैं, जो कि मशहूर मैसूर चंदन साबुन का उत्पादन करती है। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद बीजेपी विधायक पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं।
आरोपी बेटा है प्रशासनिक सेवा का अधिकारी
मदल विरुपक्षप्पा का बेटा प्रशांत कुमार, जिसे एंटी करप्शन विंग ने 40 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था, वह कर्नाटक एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज का अधिकारी है और फिलहाल बेंगलुरु वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड में चीफ अकाउंटेंट के पद पर तैनात है। एंटी करप्शन विंग के छापे में केएसडीएल के दफ्तर से करीब दो करोड़ और प्रशांत के घर से छापे में करीब छह करोड़ रुपए की नकदी बरामद हुई है। जांच में पता चला कि कच्चा माल की सप्लाई के लिए ठेका देने के लिए यह रिश्वत दी गई थी और बात 80 लाख रुपए में तय हुई थी, जिसमें से पहली किस्त के रूप में चालीस लाख रुपए दिए गए थे।
प्रदेश की राजनीति गरमाई
इस साल के अंत में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में विपक्षी कांग्रेस इस मामले को जोर-शोर से उठाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस पहले भी बासवराज बोम्मई सरकार पर कमीशनखोरी का आरोप लगा चुकी है। वहीं भाजपा सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार पर लगाम के लिए ही लोकायुक्त को फिर से कर्नाटक में लागू किया गया है। मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।