Karnataka: विपक्ष के आरोपों से निपटने की तैयारी; मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राहुल, खरगे के साथ चर्चा की
कर्नाटक में महर्षि वाल्मिकी एसटी विकास निगम और मुडा में विपक्ष के अनियमितता के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री ने पार्टी आलाकमान से मुलाकात की। सिद्धारमैया ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ चर्चा की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को विपक्ष के आरोपों को लेकर रणनीति तैयार करने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की। महर्षि वाल्मिकी एसटी विकास निगम में कथित अनियमितताओं और मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण में साइट वितरण के संबंध में भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) लगातार हमलावर है।
खड़गे और राहुल ने चर्चा करने के लिए दोनों को बुलाया
राज्य में मौजूदा राजनीतिक माहौल पर चर्चा के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत पार्टी नेतृत्व ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को बुलाया था। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नेताओं को उन दो मुद्दों के घटनाक्रम के बारे में बताया, जिन पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की है। इसके अलावा बैठक में वेणुगोपाल और एआईसीसी के कर्नाटक प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला भी मौजूद थे।
बैठक के एजेंडे में मधुसूदन मिस्त्री समिति की रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई। जिसमें लोकसभा चुनाव में कर्नाटक में कांग्रेस के प्रदर्शन पर नेताओं की राय जानी गई।
विपक्ष मुझे निशाना बना रहा है: सिद्धारमैया
बैठक के तुरंत बाद मुख्यमंत्री मीडिया से बात करते हुए कहा, “भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) नफरत और प्रतिशोध की राजनीति में लिप्त हैं। वे मुझे वाल्मिकी मामले में निशाना बना रहे हैं। ‘MUDA’ कोई मुद्दा नहीं है। वे अभी भी मुडा मुद्दे पर पदयात्रा निकाल रहे हैं। (वाल्मीकि घोटाले में) सरकार या वित्त विभाग की कोई भूमिका नहीं है। ‘MUDA’ में कोई अवैधता नहीं है। हमने केंद्रीय नेताओं को इस पर मना लिया है और पार्टी हमारे साथ खड़ी है।’’
In view of the factionalism between the Karnataka Chief Minister and Deputy Chief Minister after the Lok Sabha elections, Rahul Gandhi asked all leaders to work together. He asked them to run the government in coordination and together. He also asked them to strengthen the party… pic.twitter.com/5dhDifkIm5
— ANI (@ANI) July 30, 2024
बजट को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
सिद्धारमैया ने हाल ही में नरेंद्र मोदी सरकार पर बजट में कर्नाटक के लिए सही व्यवहार ना करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि केंद्र के अनुचित व्यवहार के कारण कर्नाटक को 2024-25 के लिए 31,866 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्र सरकार से कर्नाटक के कर हिस्से में वृद्धि का दावा करते हुए भ्रामक बयान दिए हैं। उनके अनुसार, कर्नाटक को यूपीए सरकार के दौरान 81,791 करोड़ रुपये और एनडीए सरकार (2014-2024) के दौरान 2.9 लाख करोड़ रुपये मिले।