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BY Vijayendra: 'कर्नाटक BJP का 'मतभेद' चिंताजनक नहीं, सभी को साथ लेकर चलेंगे', पूर्व CM के बेटे ने दिलाया यकीन
Sun, 12 Nov 2023 08:55 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 12 Nov 2023 08:55 PM IST
सार
कर्नाटक में भाजपा कथित तौर पर अंदरूनी मतभेद से जूझ रही है। बीवाई विजयेंद्र के पार्टी प्रमुख बनने के बाद कांग्रेस 'वंशवादी राजनीति' के आरोप लगाए हैं। इसी बीच नवनियुक्त पार्टी प्रमुख विजयेंद्र ने कहा कि उनका लक्ष्य सभी को साथ लेकर चलना है।
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कर्नाटक में भाजपा अध्यक्ष बने सीएम येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कर्नाटक में भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि वह आने वाले दिनों में उनकी नियुक्ति को लेकर किसी भी तरह की असंगत बात को ''ठीक'' कर देंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख के रूप में वे सभी को साथ लेकर चलेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे ने कहा, "अगर कोई छोटा-मोटा मतभेद है तो मेरी पहली प्राथमिकता पार्टी के वरिष्ठों के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से पार्टी को आगे ले जाना है। आने वाले दिनों में किसी भी तरह के मतभेद को ठीक कर दूंगा।"
47 वर्षीय बीवाई विजयेंद्र ने रविवार को कहा, विपक्ष का नेता चुनने के लिए गुरुवार या शुक्रवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी। बैठक में बीजेपी के केंद्रीय पर्यवेक्षक भी शामिल होंगे। "येदियुरप्पा को दरकिनार किए जाने और कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार" से जुड़े सवाल पर बेटे विजयेंद्र ने कहा, कभी भी "किसी को किसी के द्वारा दरकिनार किए जाने" का सवाल नहीं उठा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद येदियुरप्पा अधिक सक्रिय हो गए। उन्होंने पूरे राज्य का दौरा किया और पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी को मजबूत करने के लिए काम किया। विजयेंद्र ने रेखांकित किया, "हो सकता है कि हम चुनाव में हार गए हों, लेकिन इन सबको एक तरफ रखते हुए, हम आगामी लोकसभा चुनाव में उन सभी सीटों को जीतने के लिए और अधिक प्रयास करेंगे जहां पिछली बार भाजपा सांसदों ने जीत हासिल की थी।"
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भाजपा और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पार्टी- जनता दल सेकुलर (JDS) के संबंधों पर विजयेंद्र ने कहा कि केंद्रीय स्तर पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली जाएंगे और पार्टी में वरिष्ठों के साथ चर्चा करेंगे कि जेडीएस और भाजपा के संबंधों को कैसे आगे बढ़ाया जाए।
गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में मिली शानदार जीत से उत्साहित कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को पदाधिकारियों की नियुक्ति के मुद्दे पर कठघरे में खड़ा किया है। चुनावी नतीजों के कई महीने बाद भी कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता पर फैसला नहीं होने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा की कथित 'आंतरिक कलह' को रेखांकित किया है। नियुक्तियों को लेकर पूर्व सीएम येदियुरप्पा ने भी भाजपा आलाकमान को पत्र लिखा। जिसके कुछ दिनों बाद पार्टी प्रमुख की नियुक्ति हुई है।
बता दें कि विजयेंद्र शिवमोग्गा जिले के शिकारीपुरा से पहली बार भाजपा विधायक बने हैं। उन्होंने दक्षिण कन्नड़ से तीन बार के लोकसभा सदस्य नलिन कुमार कतील का स्थान लिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नलिन ने तीन साल का कार्यकाल पूरा किया था। इसी साल मई में हुए विधानसभा चुनावों के मद्देनजर नलिन को विस्तार दिया गया था।
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47 वर्षीय बीवाई विजयेंद्र ने रविवार को कहा, विपक्ष का नेता चुनने के लिए गुरुवार या शुक्रवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी। बैठक में बीजेपी के केंद्रीय पर्यवेक्षक भी शामिल होंगे। "येदियुरप्पा को दरकिनार किए जाने और कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार" से जुड़े सवाल पर बेटे विजयेंद्र ने कहा, कभी भी "किसी को किसी के द्वारा दरकिनार किए जाने" का सवाल नहीं उठा।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद येदियुरप्पा अधिक सक्रिय हो गए। उन्होंने पूरे राज्य का दौरा किया और पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी को मजबूत करने के लिए काम किया। विजयेंद्र ने रेखांकित किया, "हो सकता है कि हम चुनाव में हार गए हों, लेकिन इन सबको एक तरफ रखते हुए, हम आगामी लोकसभा चुनाव में उन सभी सीटों को जीतने के लिए और अधिक प्रयास करेंगे जहां पिछली बार भाजपा सांसदों ने जीत हासिल की थी।"
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भाजपा और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पार्टी- जनता दल सेकुलर (JDS) के संबंधों पर विजयेंद्र ने कहा कि केंद्रीय स्तर पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली जाएंगे और पार्टी में वरिष्ठों के साथ चर्चा करेंगे कि जेडीएस और भाजपा के संबंधों को कैसे आगे बढ़ाया जाए।
गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में मिली शानदार जीत से उत्साहित कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को पदाधिकारियों की नियुक्ति के मुद्दे पर कठघरे में खड़ा किया है। चुनावी नतीजों के कई महीने बाद भी कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता पर फैसला नहीं होने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा की कथित 'आंतरिक कलह' को रेखांकित किया है। नियुक्तियों को लेकर पूर्व सीएम येदियुरप्पा ने भी भाजपा आलाकमान को पत्र लिखा। जिसके कुछ दिनों बाद पार्टी प्रमुख की नियुक्ति हुई है।
बता दें कि विजयेंद्र शिवमोग्गा जिले के शिकारीपुरा से पहली बार भाजपा विधायक बने हैं। उन्होंने दक्षिण कन्नड़ से तीन बार के लोकसभा सदस्य नलिन कुमार कतील का स्थान लिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नलिन ने तीन साल का कार्यकाल पूरा किया था। इसी साल मई में हुए विधानसभा चुनावों के मद्देनजर नलिन को विस्तार दिया गया था।