कर्नाटक में चल रहे नाटक की 10 बड़ी बातें, जानिए किसके हाथ लगेगी सत्ता की चाबी
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कर्नाटक कांग्रेस और जेडीएस विधायकों को ले जाने वाली बस हैदराबाद से रात भर की यात्रा के बाद आज सुबह बेंगलुरु पहुंची। बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा ने गुरुवार को कर्नाटक में अल्पमत वाली सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और आज शाम 4 बजे उन्हें विश्वास मत हासिल करना है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए मिलने वाले समय को घटाकर सिर्फ 24 घंटे कर दिया। कर्नाटक के राज्यपाल वाजुभाई वाला ने विवादित रूप से येदियुरप्पा को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों का समय दे दिया था। केंद्र सरकार के पूर्व एटॉर्नी जनरल और येदियुरप्पा के वकील मुकुल रोहतगी ने विश्वास मत हासिल करने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा लेकिन अदालत ने इस मांग को खारिज कर दिया।
इस बड़ी खबर की 10 बड़ी बातें
1. गुरुवार को आधी रात के बाद बेंगलुरू से हैदराबाद के लिए दो बसें चलीं। इसमें कर्नाटक से कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के विधायक सवार थे। अपने विधायकों को भाजपा के प्रलोभन, प्रस्ताव और खतरों से दूर रखने के लिए - जैसा कि उन्होंने आरोप लगाया - कांग्रेस और जेडीएस ने बेंगलुरू से चार्टर्ड प्लाइट की योजना बनाई थी। हालांकि फ्लाइट रद्द कर दी गई थीं।
2. कर्नाटक में बहुमत साबित करने के लिए जरूरी 112 के जादुई आंकड़े से बीजेपी के पास आठ विधायक कम हैं। कांग्रेस और जेडीएस ने बीजेपी पर उनके विधायकों को अपने पक्ष में करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस और जेडीएस ने आरोप लगाया कि विधायकों को धमकी दी गई थी और उन्हें 100 करोड़ रुपये रिश्वत और मंत्री पद देने का लालच दिया गया।
3. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों में से एक ने शुक्रवार को कहा, "बेहतर होगा कि विधानसभा में बहुमत परीक्षण शनिवार को है ताकि किसी को भी कोई समय न मिल सके।" येदियुरप्पा के गुप्त मतदान की अपील को भी खारिज कर दिया गया।
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4. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद, कांग्रेस और जेडीएस ने अपने विधायकों को वापस बेंगलुरु ले जाने का फैसला किया। करीब 530 किलोमीटर की इस सड़क यात्रा में लगभग आठ घंटे लगते हैं।
5. कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा के जनादेश आने के एक दिन बाद, राज्यपाल ने 117 विधायकों वाले कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की बजाय भाजपा को सरकार बनाने का निमंत्रण देने का फैसला किया।
6. कांग्रेस ने उसी रात सुप्रीम कोर्ट में राज्यपाल के फैसले को चुनौती दी। पूरी रात चली विशेष सुनवाई के बाद कोर्ट ने येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक नहीं लगाई, लेकिन कहा कि यह मामले की सुनवाई जारी रखेगा और "विधायकों की खरीद-फरोख्त" के बारे में चिंताएं जताई।
7. कोर्ट ने जब रोहतगी से पूछा कि भाजपा संख्या कैसे जुटाएगी, तो उन्होंने कहा, "कांग्रेस और जेडीएस विधायकों से समर्थन मिलेगा, इस समय इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहा जा सकता है।" येदियुरप्पा ने बेंगलुरू में कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हमें एक बढ़िया बहुमत मिलेगा। हम बहुमत साबित करेंगे।"
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8. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि अदालत के आदेश ने उनकी पार्टी के पक्ष को सही साबित किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, "विधायकों की जरूरी संख्या के बावजूद बीजेपी का सरकार बनाने का झांसा पर अदालत ने भी सवाल उठाया। कानूनी तौर पर रोक दिए जाने के बाद अब वे जनादेश को चुराने के लिए पैसे और ताकत का इस्तेमाल करेंगे।"
9. राज्यपाल ने इस मामले में बीजेपी विधायक केजी बोपैया को प्रो टेम या अस्थायी स्पीकर नियुक्त किया है, जो शक्ति परीक्षण की निगरानी करेंगे और टाई की स्थिति में मतदान भी करेंगे। येदियुरप्पा को शक्ति परीक्षण तक कोई कार्यकारी फैसला नहीं करने का आदेश दिया गया है। गवर्नर के एक एंग्लो-इंडियन विधायक के नामांकन को भी रद्द कर दिया गया है।
10. विधायकों के दलबदल के लिए रिश्वत और धमकियों के डर से कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन गुरुवार और शुक्रवार की आधी रात तक सभी विधायकों को तीन बसों में बैठाकर बेंगलुरु से बाहर ले गए। चार्टर्ड प्लेन में उन्हें बाहर ले जाने की योजना नाकाम रही क्योंकि कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई थी।
दलीय स्थिति 2008