पीएम मोदी पर कांग्रेस का हमला, कहा- वह अपने दादा-दादी के बारे में तक नहीं जानते
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश पहुंचे थे जहां उन्होंने कांग्रेस पर जमकर हमला किया था। अपनी रैली में उन्होंने कांग्रेस को परिवारवाद के मुद्दे पर घेरा था। उन्होंने जनता से एक बार फिर दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार बनाने की अपील की थी। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस के लंबे शासन पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कांग्रेस को किसी गैर गांधी शख्स को अपनी पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त करने की चुनौती दी थी।
पीएम मोदी के बयानों पर आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि पीएम जो बोलते हैं उसपर दोबारा विचार करते हैं। मैं पीएम से पूछना चाहता हूं कि हीराकुंड बांध, सरदार सरोवर बांध, टिहरी बांध, भाखड़ा बांध किसने बनाया? मोदी जी के दादा-दादी या उनकी पार्टी ने? क्या वह भारत के इतिहास के बारे में कुछ भी जानते हैं?'
सिब्बल ने आगे कहा, 'यह वही शख्स हैं जो अंग्रेजों का साथ दे रहे थे। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उन्होंने अंग्रेजों का पक्ष लिया था। यह उनके दादा-दादी और नाना-नानी का आचरण था। दुर्भाग्य से वह अपने दादा-दादी के बारे में तक नहीं जानते हैं। मेरी इच्छा है कि वह जाने।'
शुक्रवार को ग्वालियर की रैली में पीएम ने कांग्रेस तंज कसते हुए कहा था कि मैं और मैं नहीं तो कोई नहीं, यही कांग्रेस पार्टी का जीवन मंत्र रहा है। कांग्रेस पार्टी एक परिवार के लिए ही पैदा हुई है और एक ही परिवार के लिए जीती है और उसी परिवार के लिए देश का भविष्य भी दांव पर लगा देती है।
वहीं आज गैर कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर पीएम मोदी की चुनौती पर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ट्विटर के जरिए जवाब दिया था। उन्होंने पीएम की याददाशत पर सवाल उठाते हुए कहा कि साल 1947 में आजादी के बाद से अब तक 15 लोग कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं। ये लोग गांधी परिवार से नहीं थे।
चिदंबरम ने कहा, 'आचार्य जेबी कृपलानी, पट्टाभि सितारमैया, पुरुषोत्तम दास टंडन, यूएन धेबर, नीलम संजीव रेड्डी, संजीवैहा, कामराज, एल निजलिंगप्पा, सी सुब्रमणियम, पीवी नरसिम्हा राव, सीताराम केसरी, जगजीवन राम, शंकर दयाल शर्मा, डीके बरुआ और ब्रह्मानंद रेड्डी ऐसे नाम हैं जो पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं।'
They were the ones who were collaborating with the British. In the 1942 Quit-India movement they sided with the British. That was the conduct of their dad-dadis and nana-nanis. Unfortunately he doesn’t even know about his own dada-dadis, I wish he did: Kapil Sibal, Congress pic.twitter.com/wrIDZ7PPhy
— ANI (@ANI) November 17, 2018