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Tamil Nadu Politics: 'राज्यपाल पद की जरूरत ही नहीं', तमिलनाडु में सियासी संकट के बीच कनिमोझी का बड़ा हमला

Fri, 08 May 2026 03:33 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, चेन्नई
पीटीआई, चेन्नई Published by: शिवम गर्ग Updated Fri, 08 May 2026 03:33 PM IST
सार

तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा के बीच डीएमके सांसद कनिमोझी ने राज्यपाल पद खत्म करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि जनता का फैसला सर्वोपरि है और सरकार गठन में देरी कई सवाल खड़े करती है।

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Kanimozhi Reiterates DMK Stand Against Governor Post Amid Tamil Nadu Political Uncertainty
डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि - फोटो : एक्स

विस्तार

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के बाद बने त्रिशंकु हालात के बीच डीएमके की वरिष्ठ नेता और थूथुकुड़ी सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने राज्यपाल पद को लेकर अपनी पार्टी का पुराना रुख एक बार फिर साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि डीएमके शुरू से ही राज्यपाल पद को खत्म करने की मांग करती रही है और इस मुद्दे पर पार्टी की सोच कभी नहीं बदली।

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न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कनिमोझी ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों ने संवैधानिक प्रक्रियाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर चुनाव परिणाम आने के बाद सरकार गठन में हो रही देरी को लेकर उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा डीएमके का यह स्पष्ट मत है कि देश में राज्यपाल पद की आवश्यकता नहीं है। हमने हमेशा यही कहा है और आज भी अपने रुख पर कायम हैं।

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'जनता का फैसला सर्वोपरि'
कनिमोझी ने माना कि इस बार तमिलनाडु की जनता ने किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया, जिसकी वजह से राजनीतिक असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सबसे ऊपर होता है और सभी दलों को उसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्पष्ट जनादेश नहीं मिलने के कारण सरकार गठन में देरी और कई तरह की राजनीतिक उलझनें सामने आ रही हैं।
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डीएमके-एआईएडीएमके गठजोड़ की अटकलों को किया खारिज
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज थी कि डीएमके बाहर से एआईएडीएमके को समर्थन देकर सरकार गठन में मदद कर सकती है। लेकिन कनिमोझी ने इन खबरों को पूरी तरह अफवाह बताया। उन्होंने कहा हर अफवाह पर प्रतिक्रिया देना संभव नहीं है। साथ ही एआईएडीएमके द्वारा सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या होने के दावे पर भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

तमिलनाडु में अब भी बना हुआ है सस्पेंस
तमिलनाडु में चुनाव परिणाम आने के बाद भी सरकार गठन को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो सकी है। किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, जिससे राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, टीवीके को 108 सीटें मिली हैं और कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन भी उसके साथ माना जा रहा है। इसके बावजूद पार्टी बहुमत के आंकड़े से पीछे है। वहीं डीएमके को 59 और एआईएडीएमके को 47 सीटों पर जीत मिली है।


सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु की प्रमुख पार्टियां सत्ता समीकरण साधने के लिए अलग-अलग रणनीतियों पर काम कर रही हैं। अब सबकी नजर राज्यपाल के अगले संवैधानिक कदम पर टिकी हुई है।

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