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चार्जशीट दाखिल होने के बाद कन्हैया ने कहा, मोदी जी और दिल्ली पुलिस को धन्यवाद
Mon, 14 Jan 2019 05:24 PM IST
शशांक गौर
न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
Published by: शशांक गौर
Updated Mon, 14 Jan 2019 05:24 PM IST
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कन्हैया-शेहला
जेएनयू में कथित तौर पर लगे देशविरोधी नारे को लेकर कन्हैया और उमर खालिद सहित 10 लोगों के खिलाफ सोमवार को दिल्ली पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की। देशद्रोह और दंगा भड़काने के आरोपों की चार्जशीट दायर होने के बाद लेफ्ट नेता कन्हैया कुमार ने खुद को बेगुनाह बताया साथ ही प्रधानमंत्री को धन्यवाद भी कहा। बेगूसराय में न्यूज चैनलों से बातचीत में कन्हैया ने कहा कि मैं मोदी जी और पुलिस को धन्यवाद देता हूं। साथ ही मांग करता हूं कि इस मामले का स्पीडी ट्रायल हो। कन्हैया ने इस कदम को लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया।
कन्हैया ने कहा कि इस मामले में सनी देओल की फिल्म की तरह तारीख पर तारीख न दी जाए। उन्होंने कहा कि कोर्ट में स्पीडी ट्रायल चलाया जाए और फैसला सुनाया जाए। उन्होंने कहा कि मैं निर्दोष हूं, मुझे देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। कन्हैया ने बेगूसराय में कहा कि सरकार के पास कोई मुद्दा ही नहीं बचा है इसलिए वो ऐसे मामले को तूल दे रही है। केंद्र सरकार सिर्फ पाकिस्तान, मंदिर और हिंदू-मुसलमान की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह डिप्रेशन के दौर में आ गई है और दोबारा सत्ता पाने के लिए वह किसी भी हद से गुजरने को तैयार है।
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कन्हैया ने कहा, आरोपपत्र राजनीति से प्रेरित है। हालांकि, हम चाहते हैं कि आरोप तय किए जाएं और इस मामले में त्वरित सुनवाई हो ताकि सच्चाई सामने आ सके। हम उन वीडियो को भी देखना चाहते हैं जो पुलिस द्वारा सबूत के तौर पर रखे गए हैं।
मामले में 10 आरोपी
दिल्ली पुलिस ने जेएनयू परिसर में नौ फरवरी 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाने के लिए पूर्व छात्रों उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया है। कार्यक्रम संसद हमला मामले के मास्टरमाइंड अफजल गुरू की फांसी की बरसी पर आयोजित किया गया था। जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उमर खालिद के अलावा अनिर्बान भट्टाचार्य, आकिब हुसैन, मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, उमर गुल, रईया रसूल, बशीर भट, बशरत को भी आरोपी बनाय गया है।
उमर खालिद की सफाई
वहीं, उमर खालिद ने बेंगलुरू में सेंट जोसेफ कॉलेज में छात्रों के एक समूह को ‘संविधान की रक्षा में युवकों की भूमिका’ विषय पर संबोधित किया। खालिद ने कहा कि हम आरोपों को खारिज करते हैं। कथित घटना के तीन साल बाद आरोपपत्र दाखिल करने का कदम चुनावों के ठीक पहले ध्यान भटकाने का एक प्रयास है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपपत्र की कॉलम संख्या 12 में भाकपा नेता डी राजा की पुत्री अपराजिता, जेएनयूएसयू की तत्कालीन उपाध्यक्ष शहला राशिद, राम नागा, आशुतोष कुमार और बनोज्योत्सना लाहिरी सहित 36 अन्य लोगों के नाम हैं क्योंकि इन लोगों के खिलाफ सबूत अपर्याप्त हैं।
शहला राशिद ने कहा कि यह पूरी तरह से एक फर्जी मामला है जिसमें अंतत: हर कोई बरी हो जाएगा। चुनावों के ठीक पहले आरोपपत्र दाखिल किया जाना दर्शाता है कि किस प्रकार भाजपा इससे चुनावी फायदा उठानी चाहती है। मैं घटना के दिन परिसर में भी नहीं थी। वहीं, भाकपा नेता डी राजा ने कहा कि यह राजनीति से प्रेरित है। तीन साल बाद दिल्ली पुलिस इस मामले में आरोपपत्र दाखिल कर रही है। हम इसे अदालत में और अदालत के बाहर राजनीतिक रूप से लड़ेंगे।
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Kanhaiya Kumar, former JNU president: If the news is true that a chargesheet has been filed, I would like to thank police and Modi Ji. The filing of chargesheet after 3 years, ahead of elections clearly shows it to be politically motivated. I trust the judiciary of my country. pic.twitter.com/eGVy40SYDT
— ANI (@ANI) January 14, 2019विज्ञापन
कन्हैया ने कहा कि इस मामले में सनी देओल की फिल्म की तरह तारीख पर तारीख न दी जाए। उन्होंने कहा कि कोर्ट में स्पीडी ट्रायल चलाया जाए और फैसला सुनाया जाए। उन्होंने कहा कि मैं निर्दोष हूं, मुझे देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। कन्हैया ने बेगूसराय में कहा कि सरकार के पास कोई मुद्दा ही नहीं बचा है इसलिए वो ऐसे मामले को तूल दे रही है। केंद्र सरकार सिर्फ पाकिस्तान, मंदिर और हिंदू-मुसलमान की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह डिप्रेशन के दौर में आ गई है और दोबारा सत्ता पाने के लिए वह किसी भी हद से गुजरने को तैयार है।
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कन्हैया ने कहा, आरोपपत्र राजनीति से प्रेरित है। हालांकि, हम चाहते हैं कि आरोप तय किए जाएं और इस मामले में त्वरित सुनवाई हो ताकि सच्चाई सामने आ सके। हम उन वीडियो को भी देखना चाहते हैं जो पुलिस द्वारा सबूत के तौर पर रखे गए हैं।
मामले में 10 आरोपी
दिल्ली पुलिस ने जेएनयू परिसर में नौ फरवरी 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाने के लिए पूर्व छात्रों उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया है। कार्यक्रम संसद हमला मामले के मास्टरमाइंड अफजल गुरू की फांसी की बरसी पर आयोजित किया गया था। जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उमर खालिद के अलावा अनिर्बान भट्टाचार्य, आकिब हुसैन, मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, उमर गुल, रईया रसूल, बशीर भट, बशरत को भी आरोपी बनाय गया है।
उमर खालिद की सफाई
वहीं, उमर खालिद ने बेंगलुरू में सेंट जोसेफ कॉलेज में छात्रों के एक समूह को ‘संविधान की रक्षा में युवकों की भूमिका’ विषय पर संबोधित किया। खालिद ने कहा कि हम आरोपों को खारिज करते हैं। कथित घटना के तीन साल बाद आरोपपत्र दाखिल करने का कदम चुनावों के ठीक पहले ध्यान भटकाने का एक प्रयास है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपपत्र की कॉलम संख्या 12 में भाकपा नेता डी राजा की पुत्री अपराजिता, जेएनयूएसयू की तत्कालीन उपाध्यक्ष शहला राशिद, राम नागा, आशुतोष कुमार और बनोज्योत्सना लाहिरी सहित 36 अन्य लोगों के नाम हैं क्योंकि इन लोगों के खिलाफ सबूत अपर्याप्त हैं।
शहला राशिद ने कहा कि यह पूरी तरह से एक फर्जी मामला है जिसमें अंतत: हर कोई बरी हो जाएगा। चुनावों के ठीक पहले आरोपपत्र दाखिल किया जाना दर्शाता है कि किस प्रकार भाजपा इससे चुनावी फायदा उठानी चाहती है। मैं घटना के दिन परिसर में भी नहीं थी। वहीं, भाकपा नेता डी राजा ने कहा कि यह राजनीति से प्रेरित है। तीन साल बाद दिल्ली पुलिस इस मामले में आरोपपत्र दाखिल कर रही है। हम इसे अदालत में और अदालत के बाहर राजनीतिक रूप से लड़ेंगे।