फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Kanchenjunga Express train, Odisha train accidents and similar accident in 1981 know the details

Rail Accident: जलपाईगुड़ी के पास हुई घटना ने ताजा कीं बालासोर की यादें; जानें देश में कब-कब हुए बड़े रेल हादसे

Mon, 17 Jun 2024 11:12 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: काव्या मिश्रा Updated Mon, 17 Jun 2024 11:12 AM IST
सार

ओडिशा के बालासोर जिले में 2 जून को एक भीषण ट्रेन हादसा हुआ था। इस हादसे में 293 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, अब रंगापानी और निजबाड़ी के पास हुए हादसे में तीन बोगियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। आठ लोगों की मौत की बात सामने आ रही है।

विज्ञापन
Kanchenjunga Express train, Odisha train accidents and similar accident in 1981 know the details
देश में कब-कब हुए बड़े रेल हादसे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार-बंगाल की सीमा के पास सोमवार को बड़ा ट्रेन हादसा हुआ है। सियालदाह जा रही कंचनजंगा एक्सप्रेस (13174) को पीछे से मालगाड़ी ने टक्कर मार दी। हादसे में कंजनजंगा एक्सप्रेस के तीन डिब्बे बेपटरी हो गए। हादसे के बाद हड़कंप मच गया। रेलवे की टीम जांच में जुट गई है। इस हादसे के बाद एक बार फिर पुराने जख्म हरे हो गए हैं। पिछले साल ओडिशा के बालासोर जिले में दो जून को एक भीषण ट्रेन हादसा हुआ था, जिसकी यादें ताजा हो गई हैं। 

विज्ञापन


विज्ञापन


इससे पहले कब-कब ऐसी दुर्घटनाएं देखने को मिली है, इसपर एक नजर डालते हैं।

06 जून 1981: यह वह दिन था जब बिहार को सबसे घातक ट्रेन दुर्घटना का सामना करना पड़ा था। ब्रिज को पार करते हुए ट्रेन बागमती नदी में जा गिरी थी। इस हादसे में 750 लोगों की मौत हो गई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


20 अगस्त 1995: फिरोजाबाद के पास पुरुषोत्तम एक्सप्रेस खड़ी हुई कालिंदी एक्सप्रेस से टकरी गई। इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 305 के करीब थी। 

26 नवंबर 1998: पंजाब के खन्ना में जम्मू तवी सियालदह एक्सप्रेस पटरी से उतरे फ्रंटियर गोल्डन टेंपल मेल की तीन डिब्बों से टकरा गई। इस हादसे में 212 लोग मारे गए थे। 

02 अगस्त 1999: ब्रह्मपुत्र मेल उत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार मंडल के गैसल स्टेशन पर खड़ी अवध असम एक्सप्रेस से टकरा गई, जिसमें 285 लोग मारे गए और 300 के करीब घायल हुए थे। 

20 नवंबर 2016: पुखरायन में इंदौर राजेंद्र नगर एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर जाने की वजह से घातक हादसा हुआ, जिसमें 152 लोगों की मौत और 260 घायल हुए थे। 


09 नवंबर 2002: रफिगंज के धावे नदी के ऊपर बने ब्रीज में हावड़ा-राजधानी एक्सप्रेस पलट गई, जिसमें 140 लोग मारे गए थे। 

23 दिसंबर 1964: रामेश्वरम में चक्रवात में पंबन धनुषकोडी पैसेंजर ट्रेन के बह जाने की वजह से 126 यात्री मारे गए थे। 

28 मई 2010: मुंबई जा रही ट्रेन झारग्राम के पास पटरी से उतर गई थी और सामने से आ रही एक मालगाड़ी से टकरा गई। इस हादसे में 148 यात्री मारे गए थे।

02 जून 2023: बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी के बीच ट्रेन दुर्घटना हुई थी। इस हादसे में कम से कम 233 लोग मारे गए थे। वहीं 900 से अधिक लोग घायल हुए थे। आजादी के बाद से अबतक की सबसे घातक दुर्घटनाओं में से एक यह हादसा बताया जाता  है।

अब हुआ बिहार-बंगाल की सीमा के पास हादसा
बताया जा रहा है कि रंगा पानी और निजबाड़ी के पास हुए हादसे में तीन बोगियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। रेलवे की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। घायल यात्रियों को बाहर निकाला जा रहा है। हादसे में आठ लोगों की मौत की बात सामने आ रही है। 

अचानक पीछे से मालगाड़ी ने टक्कर मार दी
स्थानीय लोगों का कहना है कि बहुत बड़ा हादसा हुआ है। निजबाड़ी से कुछ दूर पहले ट्रेन खड़ी थी। अचानक पीछे से मालगाड़ी ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि दो बोगी एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गई। वहीं मालगाड़ी का एक डिब्बा हवा में ऊपर उठ गई। करीब दो लोगों की मौत की चर्चा है। हालांकि अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं हादसे के बाद रेल परिचालन ठप है। इधर, रेलवे की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी की गई है। रेलवे ने कहा कि 03323508794 और 03323833326 पर कॉल कर अपने परिजनों या अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed