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गृहमंत्री अमित शाह के हिंदी वाले बयान पर कमल हासन की तीखी टिप्पणी
Mon, 16 Sep 2019 02:25 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 16 Sep 2019 02:25 PM IST
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कमल हासन
- फोटो : Twitter
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा देश की साझी भाषा के तौर पर हिंदी को अपनाने की वकालत करने के बाद हंगामा जारी है। दक्षिण के कई राजनेताओं के बाद अब अभिनेता से नेता बने कमल हासन भी इस जंग में कूद पड़े हैं।
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कमल हासन ने एक वीडियो अपलोड कर कहा कि एक और भाषा आंदोलन होगा, जो तमिलनाडु में जल्लीकट्टू विरोध प्रदर्शनों की तुलना में बहुत बड़ा होगा।
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इस वीडियो में कमल हासन अशोक स्तंभ और संविधान की प्रस्तावना के बगल में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि भारत 1950 में लोगों से एक वादा करने के साथ गणतंत्र बन गया कि उनकी भाषा और संस्कृति की रक्षा की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि कोई भी शाह, सुल्तान या सम्राट अचानक उस वादे को नहीं तोड़ सकते। हम सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं लेकिन हमारी मातृ भाषा हमेशा तमिल रहेगी। जल्लीकट्टू सिर्फ एक विरोध था। हमारी भाषा की लड़ाई इससे कहीं बड़ी होगी।
गृहमंत्री के बयान पर गरमाई सियासत
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को देश की साझी भाषा के तौर पर हिंदी को अपनाने की वकालत की थी, जिसके बाद इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई थी। दक्षिण के विभिन्न राजनीतिक दलों ने कहा कि वे भाषा को ‘थोपने’ के किसी भी प्रयास का विरोध करेंगे।
कांग्रेस ने भी कहा कि संविधान ने जिन ‘संवेदनशील’ मुद्दों का समाधान कर दिया था, उनको लेकर नए सिरे से विवाद नहीं पैदा किया जाना चाहिए। शाह ने कहा था कि भाषा की विविधता भारत की ताकत है लेकिन एक राष्ट्रीय भाषा की जरूरत है ताकि विदेशी भाषाएं और संस्कृतियां देश की भाषा और संस्कृति पर हावी नहीं हों।