नहीं हुआ कल्कि धाम का शिलान्यास, मॉडल का लोकार्पण
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प्रशासन की रोक के चलते सोमवार को श्री कल्कि धाम मंदिर का शिलान्यास नहीं हो सका। अलबत्ता, सियासी दिग्गजों तथा संत समाज के प्रतिनिधियों ने मंदिर के मॉडल का लोकार्पण किया। प्रशासन की पाबंदी पर संत समाज में आक्रोश है। कल्कि समारोह में शिरकत कर रहे प्रदेश सपा अध्यक्ष शिवपाल यादव ने ब्यूरोक्रेसी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए दस दिन में शिलान्यास की अड़चनें दूर कराने का आश्वासन दिया। विवाद के चलते इस बार मुस्लिम धर्मगुरुओं ने समारोह से दूरी बरती।
संभल जिले के ऐंचोड़ा कंबोह में 7-11 नवंबर तक आयोजित महोत्सव में श्री कल्कि धाम के अंदर ही मंदिर का शिलान्यास होना था। सुबह 11 बजे इसका शुभ मुहूर्त निकाला गया था। लेकिन उससे पहले ही विवाद खड़ा हो गया। पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान बर्क और कुछ मुस्लिम आलिमों ने आंदोलन का अल्टीमेटम देकर शिलान्यास रोकने की मांग की थी। सांप्रदायिक तनाव और टकराव के हालात पैदा हो गए।
जिलाधिकारी भूपेंद्र एस चौधरी ने रविवार को नोटिस जारी कर शिलान्यास कार्यक्रम पर रोक लगा दी थी। रात से ही गर्भगृह के आसपास पुलिस फोर्स लगा दी गई थी। सोमवार को पाबंदी के लिए पूर्व मंत्री और प्रदेश सपा अध्यक्ष शिवपाल यादव अखिलेश सरकार की ब्यूरोक्रेसी पर बरसे। डीएम की भी निंदा की गई। उधर, तनाव और टकराव के अंदेशे में शिलान्यास स्थल के गेट पर एसपी मय फोर्स के तैनात थे। कमिश्नर और डीआईजी भी पहुंचे।
किस कानून के तहत रोका शिलान्यास, उठे सवाल
शिलान्यास रोकने के विरोध में धर्मसभा
शिलान्यास रोकने के विरोध में धर्मसभा हुई। सभा में सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डा. संजय सिंह आदि ने पाबंदी की निंदा की और कल्कि मंदिर के मॉडल का लोकार्पण किया। शाम चार बजे तक चली सभा में भाजपा के पूर्व सांसद और रामजन्म भूमि आंदोलन के नेता रामविलास वेदांती ने तीखे तेवर दिखाए।
प्रशासन को चुनौती दी। रोक के बाद भी शिलान्यास का एलान किया। अखिलेश सरकार पर भी तंज कसा। जगदगुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती, अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि, बाबा हठयोगी, महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश सचिव शहजाद पूना वाला, पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान ने धर्म सभा को संबोधित किया।
धर्मसभा का संचालन कर रहे श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अखिलेश सरकार को बार-बार सवालों के घेरे में खड़ा किया। सीधे मुख्यमंत्री पर सियासी तीर चलाए। प्रदेश सरकार से पूछा कि मंदिर पर आखिर पाबंदी क्यों लगाई गई। जब हम अपने परिसर में मंदिर बना रहे हैं तो फिर उसे किस कानून के तहत रोका गया। उनके सवालों पर जवाब में ही शिवपाल सिंह यादव ने दस दिन में अनुमति दिलाने का आश्वासन दिया।
प्रमोद कृष्णम ने प्रशासन को पंद्रह दिन का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद सभा समाप्त हो गई। अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। लेकिन तनाव के अंदेशे में सतर्कता बरकरार है। शासन भी जिला प्रशासन से पल-पल सूचनाएं ले रहा है। उधर, संत समाज अभी कल्कि धाम महोत्सव स्थल पर मौजूद है। गर्भगृह की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जिससे उस ओर कोई न बढ़ सके।