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Hindi News ›   India News ›   Kachchatheevu Island again center of Tamil politics Indira Gandhi handed over to Sri Lanka MK Stalin demanded PM Modi to take it back

Kachchatheevu Island: फिर तमिल राजनीति के केंद्र में कच्चातीवु, इंदिरा गांधी ने श्रीलंका को सौंपा था यह द्वीप, स्टालिन ने पीएम मोदी से की वापस लेने की मांग

Fri, 27 May 2022 04:41 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, चेन्नई।
एजेंसी, चेन्नई। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 27 May 2022 04:41 AM IST
सार

जब भी राज्य और केंद्र में विरोधी दलों की सरकारें होती हैं, इस संवेदनशील विषय को उठाया जाता रहा है। कच्चातीवु द्वीप भारत और श्रीलंका के बीच स्थित है। अंग्रेजों के समय यह मद्रास प्रेसिडेंसी का हिस्सा था। 1974 में इंदिरा गांधी ने द्वीप का प्रशासन श्रीलंका को सौंप दिया था।

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Kachchatheevu Island again center of Tamil politics Indira Gandhi handed over to Sri Lanka MK Stalin demanded PM Modi to take it back
पीएम मोदी और एमके स्टालीन। - फोटो : ANI

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बृहस्पतिवार के चेन्नई दौरे में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कच्चातीवु द्वीप श्रीलंका से वापस लेने की मांग उठाई। इसके साथ ही तमिल राजनीति में एक बार फिर यह मामला गरमा गया है।

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वैसे जब भी राज्य और केंद्र में विरोधी दलों की सरकारें होती हैं, इस संवेदनशील विषय को उठाया जाता रहा है। हालांकि इस बार इसे लेकर भाजपा ने द्रमुक पर हमला बोला है। राज्य भाजपा के अध्यक्ष के अन्नामलाई ने कहा कि यह द्वीप 1974 में भारत-श्रीलंका समुद्री समझौते के तहत इंदिरा गांधी ने श्रीलंका को सौंप दिया था। उसके बाद से राज्य की राजनीति में स्टालिन की पार्टी द्रमुक कांग्रेस के सहयोग से सरकारें बनाती रही।
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केंद्र में भी कांग्रेस की सरकार रही, लेकिन तब द्रमुक या स्टालिन को यह द्वीप वापस लेने के लिए कांग्रेस पर दबाव बनाने की जरूरत नहीं महसूस हुई। अब केंद्र में भाजपा की सरकार बनने पर राजनीति के लिए यह मामला उठा रहे हैं।
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163 एकड़ में फैला है यह निर्जन द्वीप
कच्चातीवु द्वीप भारत और श्रीलंका के बीच स्थित है। अंग्रेजों के समय यह मद्रास प्रेसिडेंसी का हिस्सा था। हालांकि आजादी के बाद से इसके स्वामित्व को लेकर भारत और श्रीलंका में विवाद रहा। 1974 में इंदिरा गांधी ने द्वीप का प्रशासन श्रीलंका को सौंप दिया। 163 एकड़ में फैला यह द्वीप निर्जन है लेकिन दोनों देशों के मछुआरे इसके पास मछली पकड़ने जाते हैं। कई बार श्रीलंका इसके पास भारतीय मछुआरों को पकड़ चुका है।

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