GST तो अपना बच्चा है विरोध क्यों करेंगे : ज्योतिरादित्य सिंधिया
युवा तुर्क ज्योतिरादित्य सिंधिया को राजनीति विरासत में मिली है। सिंधिया कांग्रेस पार्टी की राजनीति में भी गहरी पैठ रखते हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी मित्रों में एक ज्योतिरादित्य ने जीएसटी को लेकर अमर उजाला से विशेष बातचीत की और हर सवाल का बड़ी बेबाकी से जवाब दिया। पेश है बातचीत के अंश-
प्रश्न : कांग्रेस ने संसद भवन में जीएसटी लागू करने के लिए होने वाले कार्यक्रम का विरोध क्यों किया। जबकि कांग्रेस शासित राज्यों और पार्टी ने संसद में जीएसटी को सर्वसम्मत से पारित कराया था। क्या आपको नहीं लगता कि यह एक बड़ी राजनीतिक भूल हुई है?
उत्तर : हमने जीएसटी का विरोध नहीं किया है। हमारा विरोध आधी रात को जीएसटी लागू करने के लिए होने वाले समारोह पर था। आप ही बताइए क्या इस तरह से आधी-अधूरी तैयारी के साथ जीएसटी को लागू करने का कार्यक्रम होना चाहिए था। क्या यह जीएसटी देश को मिली आजादी से बड़ी उपलब्धि है?
यह एक भ्रम फैलाया जा रहा है कि कांग्रेस जीएसटी को लागू किए जाने का विरोध कर रही है। हमारा विरोध संसद को भव्य तरीके से संसद भवन को सजाकर धूम-धाम तरीके से जीएसटी को लागू करने के कार्यक्रम के तरीके लेकर था। केन्द्र सरकार ऐसा करके 15 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिलने के दौरान 14-15 अगस्त को अर्ध रात्रि के दौरान हुए समारोह का महत्व घटा रही थी। आप ही बताइए, आखिर इसका हम कैसे समर्थन कर देते।
सरकार को हर लोकतांत्रिक मूल्य का ध्यान रखना चाहिए
प्रश्न : क्या केन्द्र सरकार अंग्रेजों से मिली आजादी के महत्व को नहीं समझ पा रही है?
उत्तर : इस बारे में मुझे केवल इतना कहना है कि सरकार को हर लोकतांत्रिक मूल्य का ध्यान रखना चाहिए। आजादी मिलने के बाद देश में केवल दो ही बार संसद भवन के केन्द्रीय कक्ष में अर्ध रात्रि को समारोह हुए हैं। पहली बार 1972 में आजादी मिलने के 25 साल पूरे होने पर और दूसरी बार 50 वर्ष पूरे होने पर 1997 में। मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय मूल्यों के साथ समझौता नहीं करती। इसलिए हम इस समारोह में पार्टी के न शामिल होने को किसी तरह की कोई राजनीतिक भूल नहीं मानते।
प्रश्न : विरोध का और विकल्प भी हो सकता था। कार्यक्रम के बहिष्कार से तो यही संदेश जा रहा है कि कांग्रेस ने जीएसटी लागू करने का विरोध किया है। क्या जीएसटी से आप नाखुश हैं?
उत्तर : बड़ी अजीब बात हुई। जीएसटी तो हमारा बच्चा है। आखिर हम इससे कैसे नाखुश हो सकते हैं। कांग्रेस हमेशा जीएसटी लागू करने के पक्ष में रही है और हम जीएसटी के साथ हैं। यह देश के कराधान ढांचे में सुधार से जुड़ा कदम है। लेकिन सरकार जिस तरह से, जिस तरीके से, जिस प्रावधान और जीएसटी की दरों के साथ लागू करना चाह रही है, वह ठीक नहीं है। इससे मंहगाई और सामान्य नागरिकों की परेशानी बढ़ेगी।
सरकार किसान, विकास, रोजगार सभी मोर्चे पर फेल
प्रश्न : आशय?
उत्तर : सरकार हड़बड़ी में है। सरकार किसान, विकास, रोजगार सभी मोर्चे पर फेल है। केन्द्र सरकार केवल बड़े-बड़े वादे करना जानती है। वह इसी जल्दबाजी में बिना पूरी तैयारी किए जीएसटी को लागू कर चुकी है। अभी जीएसटी का साफ्टवेयर भी पूरी तरह से तैयार नहीं है। देश भर में व्यापारी, कारोबारी इसको लेकर परेशान हैं। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। वहीं सरकार एक के बाद एक नये जुमले लेकर आ रही है। हम संसद के मानसून सत्र में इसको लेकर सरकार को घेरने वाले हैं।
प्रश्न : क्या इस तरह से जीएसटी लागू करने से लोगों को परेशानी बढ़ेगी?
उत्तर : इसमें कोई संदेह नहीं है। आप देश के विभिन्न क्षेत्रों में जाइए है, आपको खुद जमीनी स्थिति का पता चल जाएगा। देश के लोगों को, व्यापारियों, उद्यमियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। पढ़-लिखकर रोजगार की तलाश में आ रहे युवाओं को लगातार बढ़ रही बेरोजगारी तंग कर सकती है।
सरकार ने किए केवल वादे
प्रश्न : अभी आपने किसान की बात कही। म.प्र. में पांच किसान मारे गए थे। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मंदसौर तक गए भी, लेकिन किसान आवाज अब थम गई है?
उत्तर : नहीं, ऐसा नहीं है। किसान आज परेशान और तंग है। सरकार ने उससे केवल वादे किए हैं। हम किसान की आवाज को दबने नहीं देंगे। अभी एक सप्ताह तक म.प्र. में थे। वहां लगातार किसान से जुड़े मुद्दे को उठाया जा रहा है। एक सप्ताह के लिए फिर म.प्र. जा रहे हैं। हम इस मुद्दे पर सरकार को संसद भवन में भी घेरेंगे।
प्रश्न : क्या केवल म.प्र. के किसान ही परेशान हैं। किसानों की समस्या सिर्फ एक राज्य तक सीमित रहेगी?
उत्तर : म.प्र., महाराष्ट्र समेत देश भर के किसान तंग हैं। किसानों की आत्महत्या बढ़ रही है। इसको लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से विमर्श जारी है। हम किसानों की समस्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने जा रहे हैं। हर राज्य में इसको लेकर पार्टी रूपरेखा तैयार कर रही है।