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विकलांग वादियों, वकीलों के लिए सुलभ बुनियादी ढांचा तैयार करने की जरूरत: जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़
Thu, 24 Dec 2020 05:10 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 24 Dec 2020 05:10 AM IST
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जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़
- फोटो : twitter
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सुप्रीम कोर्ट के जज और ई-समिति के चेयरमैन जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने डिजिटल इकोसिस्टम समेत सुलभ बुनियादी ढांचा तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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ई-समिति के चेयरमैन ने देशभर के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को लिखा खत
साथ ही उन्होंने शारीरिक रूप से अक्षम या दिव्यांग वकीलों व वादियों को अन्य वकीलों की तरह ही कानूनी पेशे में शामिल होने के लिए सक्षम बनाने की बात कही। इसको लेकर उन्होंने देशभर के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को पत्र लिखा है।
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जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि सुलभ बुनियादी ढांचे की तत्काल जरूरत है, जिसमें एक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र भी शामिल हो और जो शारीरिक रूप से अक्षम वकीलों-वादियों को समान रूप से कानूनी पेशे में भाग लेने में सहायता करे। उन्होंने कहा, देश के संविधान के अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार और अनुच्छेद 19(1)(जी) के तहत हर किसी को पसंद के पेशे की ट्रेनिंग लेने का अधिकार है।
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उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले समेत सभी दस्तावेज ई-पब में होने चाहिए, ताकि इन्हें ई-बुक एप या ऑप्टिकल करेक्टर रीडर की मदद से पढ़ा जा सके। उन्होंने कहा कि हाईकोर्टों को पीडीएफ के साथ-साथ अपनी वेबसाइटों पर एचटीएमएल फॉर्मेट में फैसले जारी करने पर विचार करना चाहिए।