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सुप्रीम कोर्ट: याचिकाकर्ता को नसीहत, कहा- हर आदेश किसी न किसी वजह से पारित किया जाता है 

Mon, 28 Mar 2022 07:20 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Mon, 28 Mar 2022 07:20 PM IST
सार

शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता के इस सुझाव को खारिज कर दिया कि उसकी याचिका पर किसी अन्य पीठ द्वारा सुनवाई की जानी चाहिए।

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Just because order is not to someone's liking does not mean it is without reason: SC
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि हर आदेश किसी न किसी कारण से पारित किया जाता है और सिर्फ इसलिए कि यह किसी को पसंद नहीं है, इसका मतलब यह नहीं है कि यह अकारण है। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी तब की जब एक याचिकाकर्ता ने न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति ए एस ओका की पीठ से अनुरोध किया कि उनकी याचिका पर कोई अन्य पीठ सुनवाई करे क्योंकि उनकी पिछली याचिका पर मौखिक आदेश पारित नहीं किए गए थे। पीठ ने व्यक्तिगत रूप से पेश हो रहे याचिकाकर्ता से कहा कि शायद उनकी गलत धारणा है। पीठ ने कहा, सिर्फ इसलिए कि यह आपकी पसंद के अनुसार नहीं है, इसका मतलब यह नहीं है कि यह अकारण है। हर आदेश किसी न किसी कारण से पारित किया जाता है।  

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शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता के इस सुझाव को खारिज कर दिया कि उसकी याचिका पर किसी अन्य पीठ द्वारा सुनवाई की जानी चाहिए। पीठ ने कहा कि इस प्रार्थना को क्यों स्वीकार किया जाना चाहिए, इसका कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है। पीठ शीर्ष अदालत के पिछले आदेश का कथित रूप से पालन नहीं करने के लिए कुछ प्रतिवादियों के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्रवाई शुरू करने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कहा कि याचिका को पढ़ने के बाद हमें इस याचिका पर विचार करने का कोई कारण नहीं मिला।  
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याचिकाकर्ता ने कहा, कोई भी आदेश मौखिक आदेश नहीं है। मैं अपने अनुकूल आदेश का इच्छुक नहीं हूं। मैं केवल मौखिक आदेश का इच्छुक हूं। मैंने पहले भी याचिकाएं दायर की थीं, जिन पर आदेश पारित किए गए थे। उन्होंने कहा कि उन आदेशों में कारणों का उल्लेख नहीं किया गया था। पीठ ने एक आदेश का हवाला देते हुए कहा, सिर्फ दिखाने के लिए आप जो कह रहे हैं, वह गलत है...फैसला 20 पन्नों का है। अब आप कहते हैं कि यह बिना किसी कारण के है। हमें नहीं लगता कि इस याचिका में ऐसा कुछ है जिसे हमें आगे बढ़ाने की जरूरत है।  

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