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Bengal: 'आरजी कर केस में 'सुप्रीम' सुनवाई के बाद सभी मेडिकल कॉलेजों में बंद रहेगा काम', नाराज डॉक्टर्स का एलान

Sat, 28 Sep 2024 11:32 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 28 Sep 2024 11:32 PM IST
सार

जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में शुक्रवार को एक मरीज के परिजनों द्वारा अस्पताल के डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ पर हमले के बाद, हमने अपनी सुरक्षा के बारे में पश्चिम बंगाल सरकार के आश्वासन में सारी आशा खो दी है। 

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Junior doctors warned stop work in all medical colleges after SC hearing of RG Kar case
कोलकाता की घटना के विरोध में प्रदर्शन करते लोग - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि अब राज्य के उत्तर 24 परगना जिले में भी एक सरकारी अस्पताल के डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ को पीटे जाने का मामला गरमा गया है। अस्पताल के डॉक्टर्स की शनिवार को भी काम रोको हड़ताल जारी रही। इसके साथ ही जूनियर डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि वह सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में आरजी कर मामले की सुनवाई के बाद पूरे बंगाल के मेडिकल कॉलेजों में पूरी तरह से 'काम बंद' कर देंगे। 

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जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में शुक्रवार को एक मरीज के परिजनों द्वारा अस्पताल के डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ पर हमले के बाद, हमने अपनी सुरक्षा के बारे में पश्चिम बंगाल सरकार के आश्वासन में सारी आशा खो दी है। डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि सगोर दत्ता अस्पताल में हुए हमले से पता चलता है कि राज्य सरकार उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के अपने वादे को निभाने में पूरी तरह से विफल रही है। 
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जूनियर डॉक्टरों में से एक ने कहा, 'हम राज्य को कुछ समय दे रहे हैं और सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हमारी सुरक्षा के संबंध में उनकी दलीलें सुनना चाहते हैं। फिर, शाम 5 बजे से हम पूरे बंगाल के सभी अस्पतालों में काम बंद करना शुरू कर देंगे।'
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मरीज की मौत से गुस्साए परिजनों ने की मारपीट
एक नर्स ने बताया कि शुक्रवार को एक महिला को सांस की तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला की हालत ठीक नहीं थी और जब तक उसे ऑक्सीजन देने की कोशिश की जाती, तब तक उसकी मौत हो गई। महिला के परिजनों का आरोप है कि मरीज को समय पर इलाज नहीं मिला, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई। नर्स ने बताया कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में मरीज के परिवार के 15-20 लोगों ने महिला मेडिसिन वार्ड में घुसकर वहां मौजूद डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट की। एक जूनियर डॉक्टर ने बताया कि इस घटना में तीन जूनियर डॉक्टर, तीन नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए।




सुरक्षा की मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने का एलान
इस घटना के विरोध में डॉक्टर्स ने काम रोकों हड़ताल शुरू कर दी। शनिवार को दूसरे दिन भी यह हड़ताल जारी है। एक जूनियर डॉक्टर ने कहा, 'हम बार-बार बाह्य रोगी विभाग और अस्पताल के वार्डों में उचित सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। लेकिन यह घटना साबित करती है कि राज्य प्रशासन अभी भी हमारी सुरक्षा की मांग के प्रति नहीं जागा है। जब तक पर्याप्त सुरक्षा की हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक 'काम बंद' हड़ताल जारी रहेगी।' बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने कमरहाटी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है और जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अस्पताल के मुख्य द्वार के पास पुलिस गश्ती दल निगरानी कर रहा है।

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