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Hindi News ›   India News ›   June 10 2026: A historic date in Indian politics; 12 years, 4,399 days, and PM Modi will set another record

10 जून को बनेगा कीर्तिमान: देश की राजनीति में ऐतिहासिक तारीख; 12 साल, 4399 दिन और PM मोदी बनाएंगे नया रिकॉर्ड

Thu, 04 Jun 2026 08:01 AM IST
Pavan अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Thu, 04 Jun 2026 08:01 AM IST
सार

PM Modi Will Set Another Record: 10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4,399 दिनों के लगातार कार्यकाल के साथ पूर्व पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू का 64 वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़कर भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री बन जाएंगे।

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June 10 2026: A historic date in Indian politics; 12 years, 4,399 days, and PM Modi will set another record
PM मोदी बनाएंगे नया रिकॉर्ड - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2026 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री बन जाएंगे। वह देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लगातार कार्यकाल वाले 64 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे। आंकड़ों के अनुसार आजादी के बाद देश के पहले आम चुनावों के बाद गठित पहली लोकसभा का गठन 17 अप्रैल 1952 को हुआ था। उसकी पहली बैठक 13 मई 1952 को हुई थी और इसी दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। 

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4,398 दिनों तक लगातार प्रधानमंत्री रहे पंडित नेहरू
पंडित नेहरू 27 मई 1964 तक लगातार प्रधानमंत्री रहे। यह अवधि कुल 4,398 दिनों की रही। नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। 26 मई 2014 से 10 जून 2026 तक उनका लगातार कार्यकाल 4,399 दिनों का हो जाएगा, जो नेहरू के रिकॉर्ड से एक दिन अधिक होगा। सबसे लंबे समय तक पीएम रहने के मामले में तीसरे पायदान पर काबिज इंदिरा गांधी का 4,077 दिनों का लगातार कार्यकाल मोदी 25 जुलाई 2025 को ही पार कर चुके हैं। इंदिरा गांधी 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 तक लगातार 4,077 दिनों तक प्रधानमंत्री रहीं, जो लगभग 11 वर्ष और दो महीने की अवधि थी।
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अलग-अलग दौर, चुनौतियां भी अलग
कार्यकाल की तुलना करें तो दोनों नेताओं ने भारत का नेतृत्व बिल्कुल अलग परिस्थितियों में किया। नेहरू ने स्वतंत्रता के बाद नवगठित भारत का नेतृत्व संभाला, जबकि मोदी ने अधिक आबादी, जटिल अर्थव्यवस्था, बहुदलीय राजनीति और डिजिटल निगरानी वाले भारत का नेतृत्व किया। नेहरू के समय देश की आबादी लगभग 34 करोड़ थी, जबकि मोदी के पीएम बनने तक यह 131 करोड़ से अधिक हो चुकी थी और अब 146 करोड़ के पार है। मोदी ने सोशल मीडिया और 24 घंटे की सार्वजनिक निगरानी के दौर में नेतृत्व किया है, जहां सरकार के हर फैसले का तत्काल मूल्यांकन होता है।
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14 गुना बढ़ी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता
नेहरू के समय 1951-52 के पहले आम चुनाव में 53 राजनीतिक दल मैदान में थे। 1952 में कांग्रेस ने 489 में से 364 सीटें जीतीं और सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी सिर्फ 16 सीटों तक सीमित रही। इसके विपरीत, 2014 के चुनाव में 464 दल और 2024 में 744 दल चुनावी मैदान में उतरे, मतलब राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता 14 गुना बढ़ गई। मोदी ने भारत भर के प्रमुख राज्यों में सत्ता संभालने वाली कई मजबूत क्षेत्रीय पार्टियों के साथ मिलकर शासन किया है। अभी देश में 2,593 से अधिक राजनीतिक दल मौजूद हैं। पीएम मोदी के दौर में मतदाताओं की संख्या भी 17 करोड़ से बढ़कर 83 करोड़ से अधिक हो गई।

इन पहलों-योजनाओं ने मोदी को बनाया खास
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो मोदी सरकार की ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की अवधारणा ने जनभागीदारी आधारित शासन मॉडल पेश किया। वहीं विदेश नीति में ‘बहु-संरेखण’ (मल्टी-अलाइनमेंट) को भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने वाला कदम है। इसके अलावा डिजिटल कल्याण योजनाओं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक विरासत के पुनरोद्धार तथा बुनियादी ढांचे के विस्तार को मोदी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया जा रहा है।

  • अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव
    • स्वतंत्रता के समय भारत की जीडीपी करीब 2.7 लाख करोड़ रुपये थी, जो 2026 तक बढ़कर 357.14 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। नेहरू के समय आर्थिक वृद्धि  4 प्रतिशत तक रही, जबकि मोदी सरकार में 6.5 से 7 प्रतिशत है।
  • नेहरू ने 5 आईआईटी एक एम्स खोला था मोदी ने इनकी संख्या को तेजी से बढ़ाया:
    • नेहरू ने पांच आईआईटी और एक एम्स बनाया। मोदी के समय आईआईटी की संख्या 16 से 23, आईआईएम 13 से 21 और एम्स सात से बढ़कर 23 तक पहुंच गए हैं।
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