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जेपी इंफ्राटेक को दिवालिया समाधान के लिए 90 दिन का अतिरिक्त समय
Wed, 31 Jul 2019 02:15 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Wed, 31 Jul 2019 02:15 AM IST
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दिवालिया प्रक्रिया सामना कर रही जेपी इंफ्राटेक को समाधान के लिए 90 दिन का अतिरिक्त समय मिला है राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने मंगलवार को कहा कि कंपनी को दिवालिया प्रक्रिया के समाधान के लिए आदेश मिलने के बाद से 90 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
ट्रिब्यूनल की दो सदस्यीय पीठ ने मामले के समाधान पेशेवर को भी 45 दिन का समय देते हुए कहा कि वह इस अवधि में नई बोलियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया पूरी कर ले। पीठ ने समाधान पेशेवर के साथ ऋणदाताओं के समूह (सीओसी) को भी नई बोली की चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही पीठ ने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड और जेपी इंफ्राटेक के प्रवर्तकों की उस अपील को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने खुद को बोली में शामिल होने के लिए योग्य बताया था। पीठ ने सरकारी कंपनी एनबीसीसी से भी पूछा है कि जेपी इंफ्रा के सीओसी ने किसकी बोली को खारिज किया था और बाद में नए सिरे से समाधान योजना शुरू करने की बात कही थी।
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कर्जदाताओं ने की थी समय बढ़ाने की मांग
इससे पहले कंपनी के कर्जदाताओं ने दिवालिया प्रक्रिया का समय 250 दिन बढ़ाने की मांग की थी। उनका कहना था कि 17 सितंबर, 2018 से 4 जून 2019 तक कॉरपोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया के तहत एनसीएलटी सुनवाई कर रहा था। इस दौरान मकान खरीदारों के मतदान अधिकार पर फैसला किया जाना था। लिहाजा इस अवधि को समाधान प्रक्रिया की अवधि में न जोड़ा जाए।
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ट्रिब्यूनल की दो सदस्यीय पीठ ने मामले के समाधान पेशेवर को भी 45 दिन का समय देते हुए कहा कि वह इस अवधि में नई बोलियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया पूरी कर ले। पीठ ने समाधान पेशेवर के साथ ऋणदाताओं के समूह (सीओसी) को भी नई बोली की चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
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इसके साथ ही पीठ ने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड और जेपी इंफ्राटेक के प्रवर्तकों की उस अपील को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने खुद को बोली में शामिल होने के लिए योग्य बताया था। पीठ ने सरकारी कंपनी एनबीसीसी से भी पूछा है कि जेपी इंफ्रा के सीओसी ने किसकी बोली को खारिज किया था और बाद में नए सिरे से समाधान योजना शुरू करने की बात कही थी।
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कर्जदाताओं ने की थी समय बढ़ाने की मांग
इससे पहले कंपनी के कर्जदाताओं ने दिवालिया प्रक्रिया का समय 250 दिन बढ़ाने की मांग की थी। उनका कहना था कि 17 सितंबर, 2018 से 4 जून 2019 तक कॉरपोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया के तहत एनसीएलटी सुनवाई कर रहा था। इस दौरान मकान खरीदारों के मतदान अधिकार पर फैसला किया जाना था। लिहाजा इस अवधि को समाधान प्रक्रिया की अवधि में न जोड़ा जाए।