जेएनयू हिंसा: जानिए 'फ्री कश्मीर' के पोस्टर लहराने वाली लड़की की सच्चाई, जारी किया वीडियो
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जेएनयू हिंसा के खिलाफ मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर हो रहे प्रदर्शन के दौरान 'फ्री कश्मीर' का पोस्टर लहराने वाली लड़की का वीडियो सामने आया है। इसका नाम महक मिर्जा है। महक ने इस पोस्टर को लेकर हो रहे बवाल पर सफाई दी है।
महक ने इंस्टाग्राम पर अपलोड किए गए वीडियो में बताया, 'गेटवे ऑफ इंडिया पर प्रदर्शन के दौरान एक पोस्टर उठाया था। यह पोस्टर वहां ही पड़ा था। मैंने इसे सिर्फ इसलिए उठाया था क्योंकि मैं कश्मीर में इंटरनेट और मोबाइल सेवा बहाल करने की बात कहना चाह रही थी। मैं कश्मीरी नहीं बल्कि मुंबई की रहने वाली हूं। मैं किसी गैंग का हिस्सा नहीं हूं।'
गौरतलब है कि इस पोस्टर को लेकर भाजपा अब महाराष्ट्र सरकार पर हमलावर हो गई है। इस पोस्टर को लेकर आरोप लगाया कि इस पोस्टर को लेकर प्रदर्शन करने वालों के कुछ और ही इरादे थे।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सूबे के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से सवाल किया कि क्या उन्हें फ्री कश्मीर भारत विरोधी अभियान बर्दाश्त है? फडणवीस ने 'फ्री कश्मीर' के पोस्टर वाले विडियो ट्वीट कर लिखा, 'यह किस बात का प्रदर्शन है? फ्री कश्मीर के नारे क्यों लगाए जा रहे हैं? हम मुंबई में इस तरह के अलगाववादी तत्वों को कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं?'
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दरअसल, 'फ्री कश्मीर' को पोस्टर लेकर प्रदर्शन करने वाली महिला का नाम महक मिर्जा प्रभु (37) है। वह मुंबई की रहने वाली है। महक लेखक और कहानीकार है। वह छोटी काल्पनिक कहानियां गढ़ती हैं और लोगों को उन कहानियों को सुनाती हैं।
महक के साथ एक और रचनात्मक साथी काम करता है। जिसका नाम मोहम्मद मुनीम हैं, जो कि मुंबई में रहने वाले एक कश्मीरी गायक-गीतकार हैं, जिसकी गीत और कविताएँ ज्यादातर घाटी से संबंधित होती हैं। जब मीडिया कर्मियों ने महक से नारों की उनकी पसंद के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि वह कश्मीर से नहीं हैं, लेकिन सभी के लिए स्वतंत्रता चाहती हैं।